- जयपुर. सियायत का अपना एक मिजाज होता है. और यह दिन-प्रतिदिन बदलती राजनीतिक परिस्थितियों (Political circumstances) पर निर्भर करता है. पिछले दिनों कांग्रेस संगठन तथा सरकार में डिप्टी सीएम एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत (Sachin Pilot Vs Ashok Gehlot) के बीच सत्ता के लिये मचे सियासी घमासान के बाद पालयट को विधानसभा में सबसे पिछली सीट दी गई थी. लेकिन, अब सब कुछ सामान्य होने और पायलट के फिर से पार्टी की मुख्यधारा में शामिल होने के बाद उन्हें आगे की सीट दी गई है.
- दरअसल, राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र चल रहा है. शनिवार को शुरू इस सत्र में 6 विधेयक रखे गये थे. रविवार को अवकाश था. सोमवार सुबह फिर 11 बजे विधानसभा शुरू हुई. इस सत्र में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को आगे की सीट दी गई है. उन्हें विधानसभा में मंत्रियों के बराबर वाली सीट दी गई है. इस सत्र में सचिन पायलट परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की बगल की सीट पर बैठे. लेकिन, सियासी घमासान के बाद जब विश्वासमत साबित करने के लिये 14 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाया गया था, उस समय सचिन पायलट को विधानसभा में सबसे पीछे की सीट दी गई थी
सीट आवंटन को लेकर हुई थी चर्चा
- पायलट को विधानसभा में पायलट को पीछे की सीट देने पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का लंबा दौर चला था. इस पर चर्चा तेज हुई तो कई नियमों का हवाला दिया गया था. लेकिन, इस सत्र में फिर पायलट को आगे की सीट देने से एक बार चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, इस पर खुले तौर पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन खुसर-फुसर जरुर शुरू हो गई है. उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया था. फिर 24 अगस्त को एक दिन और विधानसभा चली थी. उसके बाद विधानसभा को स्थगित कर दिया गया था.