
Corona से बचाने की दवा ही बन रही दुश्मन
जयपुर. कोरोना संक्रमण के बाद उससे लड़ने के लिए बच्चों को दी जा रही एंटी बॉडी अब एक बड़ी समस्या बन कर खड़ी हो गई है. कोरोना के मुकाबले के लिए बच्चों को एंटी बॉडी वैक्सीन लगाई जा रही है जिसके चलते संक्रमण तो खत्म हो रहा है. लेकिन पोस्ट कोविड से जूझ रहे बच्चों में हाई कोविड एंटीबॉडी अब बच्चों की जान की दुश्मन बन रही हैं. हाई एंटी बॉडी या इम्यन सिस्टम के हाईपर एक्टिव कर देने से मल्टी सिस्टम इंफलमेंट्री सिंड्रोम के शिकार बच्चे हो रहे हैं. जयपुर की बात की जाए तो पिछले दो महीने में 17 बच्चों की मौत इस बीमारी के चलते हो गई है और देश में 2 हजार से ज्यादा बच्चे एमआईएस से पीड़ित हैं.
जयपुर के जेकेलॉन अस्पताल की बात की जाए तो पोस्ट कोविड के शिकार बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. ये सभी एमआईएस से पीड़ित है. जानकारी के अनुसार अभी तक 154 बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होकर अस्पताल में आ चुके हैं और इनमें से 17 की जान चली गई है.
अधिकतर को पता नहीं की कोरोना हुआ
चिंता की बात ये है कि एमआईएस के शिकार वे बच्चे अधिक हो रहे हैं जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण थे और वे ठीक हो गए. अधिकतक परिजनों को पता ही नहीं है कि उनके बच्चों को कोरोना भी हुआ था. अब ये बच्चे हाई एंटॉ बॉडी बनने से ये बच्चे पोस्ट कोविड में एमआईएस के शिकार हो रहे हैं. आसान भाषा में शरीर में एंटीबॉडी ज्यादा बनने लगती है तो कोरोना से तो बच जाते हैं लेकिन शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचता है. एक तरह से ये एंटीबॉडी का आउटब्रेक है. शरीर का इम्यून सिस्टम ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है.

बीमारी के लक्षण