अबकी बार, युवाओं पर कोरोनावार:नए मरीजाें काे न बुखार, जांच भी नेगेटिव पर फेफड़े 80% तक संक्रमित हो रहे, पढ़े खबर


  • जयपुर इनका नाम है अशोक गुप्ता, उम्र 39 साल है। ये एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन वार्ड एफ 2 में भर्ती हैं। थोड़ी तबीयत खराब हुई तो डॉक्टरों ने कोविड टेस्ट कराया। पहली बार संदेह हुआ तो दूसरी बार कराया। पर दोनों ही रिपोर्ट नेगेटिव आई। परेशानी यह कि रिपोर्ट तो नेगेटिव आई पर ऑक्सीजन लेवल 70 पहुंच गया। सीटी स्कैन कराया तो पता चला कि फेफड़े 80 फीसदी तक संक्रमित हो चुके हैं।

  • दिन ब दिन अशाेक की तबीयत खराब होती जा रही है। परिजन लगातार डॉक्टरों से कह रहे हैं कि अशोक को आरयूएचएस भेज दिया जाए, लेकिन जांच रिपाेर्ट नेगेटिव आने के कारण डाक्टर आरयूएचएस नहीं भेज पा रहे। ऐसे में हालात खराब होते जा रहे हैं।

  • सबसे ज्यादा 24%संक्रमण 21 से 30 साल के आयुवर्ग के लोगों में
    पहली लहर में कोरोना ने जहां बुजुर्गाें और गंभीर बीमारियाें से जूझ रहे लाेगाें काे चपेट में लिया था, वहीं अब युवाओं-बच्चाें पर भारी है। दूसरी लहर में लक्षण भी सामने नहीं आ रहे हैं। 18 अप्रैल तक 14705 केस मिले और इनमें 73 फीसदी मरीज ऐसे थे, जिनकी उम्र 0 से 50 साल है। बुजुर्ग मरीजाें का अनुपात सिर्फ 27% ही है।

  • यंगस्टर्स-बच्चे सुपर स्पेडर्स, 3+2 फार्मूला अपनाएं
    एसएमएस के मेडिसन विभाग के हेड डाॅ. रमन शर्मा का कहना है कि इस बार यंगस्टर्स और बच्चे सुपर स्पैडर्स हैं। कई मामलाें में बिना लक्षणाें के भी निमाेनिया हाे रहा है, फेफड़े खराब हाे रहे हैं। बचने के लिए 3 प्लस 2 का फार्मूला जरूरी है। 1. साेशल डिस्टेंसिंग 2. मास्क 3. बार-बार हाथ धाेना 4. वेंटीलेशन और 5. वैक्सीनेशन। घर में माैजूद 45 साल अधिक उम्र वाले सभी मेम्बराें काे वैक्सीन जरूर लगवाएं। साथ ही, हल्की सर्दी जुकाम पर डाॅक्टर से सलाह लें पैनिक हाेकर अस्पताल ना भागें।