दिल्ली में बेड नहीं मिला, इसलिए यहां आकर भर्ती हुआ परिवार; कोरोना से दादी ने दम तोड़ा तो पत्र लिखा- हम सब पॉजिटिव हैं, आप अंतिम संस्कार करवा दें


  • दिल्ली का एक परिवार जयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती है। पूरा परिवार पॉजिटिव है। घर की बड़ी बुजुर्ग (दादी) भी पॉजिटिव थीं। इलाज के दौरान जयपुर में ही उनकी मौत हो गई। पूरा परिवार इतना असहाय हो गया कि अंत्येष्टि तक नहीं कर पाया। चूंकि खुद दिल्ली से हैं, इसलिए जयपुर में कोई पहचान का था भी नहीं। ऐसे में परिवार के ही लड़के ने पुलिस को चिट्‌ठी लिखी। उसने पूरे हालात बयां किए और दादी की अंत्येष्टि कराने की गुजारिश की। ये तो बानगी भर है। इस तरह के रोज न जाने कितने केस हो रहे हैं। पूरा का पूरा परिवार संक्रमण की चपेट में है और अपने का ही दाह संस्कार तक नहीं कर पा रहे हैं।

    दूसरी लहर ने झकझोर कर रख दिया

    कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने झकझोर कर रख दिया है। ऑक्सीजन और बेड के लिए हर ओर लाचारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तो स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वहां के मरीज राजस्थान के शहरों में इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा गुड़गांव, गाजियाबाद व आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज जयपुर भी पहुंच रहे हैं। ऐसे ही एक परिवार की दर्दनाक कहानी सामने आई है। जयपुर के आदर्श मोक्षधाम में मंगलवार दोपहर कोरोना संक्रमित बुजुर्ग महिला का दाह संस्कार किया जा रहा था। वहां आसपास कोई परिजन नजर नहीं आया।तब अंतिम संस्कार के क्रिया कर्म में जुटे वीरेंद्र शर्मा व लाला इस बारे में पूछताछ शुरू की। जो जानकारी सामने आई वह चौंकाने वाली थी। सामने चिता पर 83 वर्षीया फूलवती बंसल का शव था। वह ईस्ट दिल्ली की रहने वाली थीं। उनके परिवार के सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव हैं। वे अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए दाह संस्कार करने नहीं आ सके।

    परिवार के 5 सदस्य जयपुर आकर भर्ती हुए

    सजल ने बताया कि वे लोग दिल्ली के रहने वाले है। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 83 वर्षीय दादी सहित परिवार के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो चुके थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त बेड की तलाश शुरू हुई। दिल्ली में बेड नहीं मिला। तब वे किसी तरह जयपुर पहुंचे। यहां शहर से कुछ दूर एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। उपचार के दौरान दादी ने 26 अप्रैल को दम तोड़ दिया। सजल व परिवार के 4 अन्य सदस्य भी भर्ती हैं। ऐसे में फूलवती के शव को आदर्श नगर मोक्षधाम लाया गया। जहां राज्य सरकार के निर्देश और श्री नाथ गोशाला चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया। ट्रस्ट के महासचिव आरके सारा ने बताया कि ऐसे और भी कोरोना पॉजिटिव शव हैं, जिनका अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार के लोग उपलब्ध नहीं थे।

    पुलिस को पत्र
    फूलवती बंसल के पोते सजल ने पुलिस को एक पत्र लिखा। इसमें बताया कि उनकी दादी का कोरोना से निधन हो गया है। इसके अलावा चार सदस्य भी अस्पताल में भर्ती हैं। वे दिल्ली के रहने वाले हैं। उनका जयपुर में ऐसा कोई परिजन नहीं है, जो कि कोरोना नेगेटिव हो और दादी का अंतिम संस्कार करवा सके। फूलवती के पोते व अन्य परिजनों ने अनुमति देते हुए कहा कि वे नगर निगम के जरिए कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए उनकी दादी के शव का अंतिम संस्कार करवा दें।