- सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन को स्थगित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यानी अब परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। सितंबर में दोनों परीक्षाओं अपने अपने तय शेड्यूल के हिसाब से होंगी। जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि कोरोना के कारण देश में सब कुछ रोका नहीं जा सकता। याचिका खारिज करते समय क्या शीर्ष अदालत ने कहा, ‘“क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाये? (बच्चों का) एक कीमती साल को यूं ही बर्बाद हो जाने दिया जाये?” कोर्ट ने कहा कि उसने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को रिकॉर्ड में लिया है कि जेईई और नीट परीक्षाएं पर्याप्त सावधानियों के साथ आयोजित की जायेंगी।’
- याचिका में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते सिंतबर में प्रस्तावित जेईई मेन और नीट यूजी परीक्षाओं को टालने की मांग की गई थी। मामले की सुनावाई जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की। जेईई परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, वहीं नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी। 11 राज्यों के 11 छात्रों ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 महामारी के मामलों की संख्या के मद्देनजर जेईई मेन और नीट यूजी परीक्षाएं स्थगित करने के अनुरोध के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए) की तीन जुलाई की नोटिस रद्द करने का अनुरोध किया गया। इन नोटिस के माध्यम से ही एनटीए ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य, अप्रैल, 2020 और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) सितंबर में कराने का निर्णय लिया है। याचिका में प्राधिकारियों को सामान्य स्थिति बहाल होने के बाद ही इन परीक्षाओं को आयोजित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया।
क्या सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के चलते
हो रही है जेईई मेन एडमिट कार्ड में देरी
- केस की सुनवाई के बीच जेईई मेन के लाखों छात्रों को अपने एडमिट कार्ड का भी इंतजार है। एनटीए नोटिस के मुताबिक परीक्षा से 15 दिन पहले एडमिट कार्ड जारी किए जाने थे। ऐसे में एडमिट कार्ड आज या कल में कभी भी जारी हो सकते हैं। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में जेईई मेन और नीट परीक्षा मामलों की सुनवाई के चलते एडमिट कार्ड जारी किए जाने में देरी हो रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से जेईई मेन व नीट अभ्यर्थी भी ट्विटर पर लगातार परीक्षा कोविड-19 महामारी के बीच सितंबर में कराने के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। वह हैश टैग #postponeNEETandJEE के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखिरियाल निशंक ( @DrRPNishank ), एनटीए ( @DG_NTA ) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ( @HRDMinistry ) को टैग करते हुए लगातार ट्वीट कर रहे हैं। उनकी मांग है कि कोविड-19 संक्रमण की आशंका और यात्रा संबंधी दिक्कतों के चलते परीक्षा स्थगित होनी चाहिए।
परीक्षा तय समय पर कराने के लिए
भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका
- स्टूडेंट्स के अभिभावकों की एक एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह मांग की है कि शीर्ष अदालत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन ( JEE Main 2020 ) और मेडिकल प्रवेश परीक्षा ( NEET 2020 ) सितंबर में तय शेड्यूल पर कराने का निर्देश दे। गुजरात पेरेंट्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि परीक्षा स्थगित होने पर स्टूडेंट्स को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। एग्जाम डेट आगे बढ़ने से न सिर्फ उन्हें एक अकादमिक वर्ष का नुकसान होगा बल्कि आगे जाकर प्रोफेशनल करियर में भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। याचिका में कहा गया है, ‘इन्हीं प्रवेश परीक्षाओं से विद्यार्थियों के करियर की दिशा तय होती है इसलिए ये बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर अब फिर से परीक्षा स्थगित होती है तो इससे विद्यार्थियों में तनाव बढ़ेगा। साथ ही उनके करियर में अनिश्चितता आएगी। इससे उनके अकादमिक प्रदर्शन पर भी बुरा असर पड़ेगा।’