
कोवीशील्ड की दो डोज में गैप बढ़ने से मिलेंगे अच्छे परिणाम, जानें एक्सपर्ट की राय
वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज में अंतर बढ़ाने के मामले पर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुफ ऑन इम्यूनिसेशन (NTAGI) के डॉ. एनके अरोड़ा का बयान सामने आया है। डॉ. अरोड़ा ने इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए सरकार के इस निर्णय को सही बताया है।
उन्होंने कहा है कि इंग्लैंड का डेटा सामने आने पर पता चला है कि 12 हफ्ते का गैप रखने पर वैक्सीनेशन का रिजल्ट 65% से 88% तक अच्छा मिला। वहां इसका काफी फायदा हुआ। इसलिए भारत में वैक्सीनेशन के गैप को बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि ये फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया है।
डेटा के हिसाब से फेरबदल
NTAGI चीफ ने आगे कहा है कि हमारे ग्रुप ने सामूहिक तौर पर ये फैसला लिया है। इसके लिए पारदर्शी सिस्टम अपनाया गया। लगातार सामने आ रहे डेटा के हिसाब से ही इसमें फेरबदल किया जा रहा है। इससे पहले 4 से 6 हफ्ते के गैप का फैसला भी उस समय उपलब्ध डेटा के आधार पर ही लिया गया था। 4 से 6 हफ्ते के बीच दूसरा डोज लगवाने पर रिजल्ट 57 से 60 फीसदी तक मिलता है।
गैप कम करने का निर्णय रिसर्च के बाद
डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि आगे कोवीशील्ड के 2 डोज में गैप ज्यादा या कम करने का निर्णय रिसर्च के बाद किया जाएगा। यदि आगे ये बात सिद्ध होती है कि गैप करने पर फायदा मिल सकता है तो इस पर फैसला लिया जाएगा। अभी जो गैप तय किया गया है, इस पर अच्छा रिजल्ट मिलता है तो इसे ही आगे बढ़ाया जाएगा।
इंग्लैंड के मॉडल पर बात करते हुए NTAGI चीफ ने कहा कि एस्ट्राजेनेका के पहले डोज के बाद 33% और दूसरे डोज के बाद 60% रिजल्ट सामने आया है। इसके बाद ही वहां इसका गैप को बढ़ाने पर विचार किया गया। हालांकि, भारत में इसकी ट्रैकिंग की जा रही है। इससे पता चलेगा कि इसका कितना फायदा मिल रहा है।
किन लोगों को 28-42 दिन में लगेगा कोवीशील्ड का दूसरा डोज?
देश यात्रा पर जाने वालों को 28 दिन बाद दूसरा डोज
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोवीशील्ड के वैक्सीनेशन शेड्यूल में बदलाव किया था। दूसरे डोज का गैप दो बार बढ़ाने के बाद अब इसे विदेश यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए घटाया गया था। कुछ कैटेगरी में दो डोज के लिए 84 दिन (12-16 हफ्ते) का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। 28 दिन (4-6 हफ्ते) बाद भी दूसरा डोज लगवा सकते हैं। दो डोज का गैप सिर्फ कोवीशील्ड के लिए घटाया गया था। कोवैक्सिन के 2 डोज का गैप 28 दिन था। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

कोवीशील्ड की डोजिंग पॉलिसी में यह बदलाव क्यों किया गया?