
घूसखोर डॉक्टर:500 रु. के लिए अपना करियर खराब कर लिया,देखे आगे
अलवर जिले के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजगढ़ का चिकित्सा प्रभारी डॉ. गिर्राजप्रसाद मीणा मेडिकल सर्टिफिकेट देने के एवज में 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। एसीबी की टीम ने गुरुवार को राजगढ़ के ढिगावड़ा निवासी गाेविन्द सिंह की शिकायत की पुष्टि के बाद कार्रवाई की। डॉक्टर ने परिवादी से 500 रुपए लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया। इसके बाद एसीबी की टीम ने उनकी जेब से रिश्वत की राशि बरामद की। जबकि चिकित्सक को करीब एक लाख् रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है।
बहन की शादी में आया था, बीमार होने पर मेडिकल बनवाने गया
परिवादी गोविन्द सिंह ने बताया कि वह दिल्ली गैस एजेंसी पर कार्य करता है। 12 दिसम्बर को बहन की शादी में गांव आया था। यहां आने के बाद तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद डॉ. गिर्राज प्रसाद मीणा से इलाज लेता रहा। अब वापस दिल्ली जाने से पहले मेडिकल सर्टिफिकेट लेने के लिए डॉक्टर के पास गया। जिसके लिए चिकित्सक ने 500 से 600 रुपए मांगे। इसके बाद एसीबी को शिकायत दी।
एसीबी के उप अधीक्षक महेन्द्र मीणा ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने गुरुवार को ही चिकित्सक को रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा है। फिलहाल, उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। कई अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है। गिर्राज प्रसाद मीणा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी है। जिसके पास वर्तमान में राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी का चार्ज भी था।


