बेनीवाल ने कृषि कानून मुद्दे पर दिया बड़ा बयान, कृषि कानून को वापस लेने की मांग, नही तो एनडीए को दिए गए समर्थन पर करेंगे पुनर्विचार


  • केंद्रीय कृषि कानूनों को को लेकर देश का किसान सड़को पर है और दिल्ली की सीमा पर भारी मात्रा में जुटे किसानो द्वारा विवादित कृषि कानून को हटाने की पुरजोर मांग की जा रही है । इस बीच एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी रालोपा ने भी अपने तेवर दिखाते हुवे इन बिलों के विरुद्ध अपना बिगुल बजा दिया है।
  • रालोपा के राष्ट्रीय संयोजक और लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने कृषि कानून मुद्दे पर अब एक बड़ा बयान दिया है । सांसद ने कृषि कानून को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें फ़ौरन वापस लेने की मांग की है । साथ ही चेतवानी भरे लहजे में दो टूक कहा है कि यदि इन कानूनों को जल्द वापस नहीं लिया गया तो रालोपा को एनडीए को दिए गए समर्थन पर पुनर्विचार करना होगा । आज एक ट्वीट करते हुए बेनीवाल ने कहा कि आरएलपी एनडीए का घटक दल है लेकिन किसान और जवान पार्टी की ताकत हैं ।
  • उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने का निर्णय करने के साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफारिशें लागू करने की मांग की है । बेनीवाल ने कहा किसानों के लिए ये काला कानून है और इसे वापस लेने के लिए उन्होंने एनडीए चेयरपर्सन अमित शाह को पत्र और सोशल मीडिया के ज़रिये अवगत करवाया है । सांसद ने कहा कि किसानों के समर्थन में यदि ज़रूरी हुआ तो आरएलपी दिल्ली कूच में भी शामिल होगा । बता दे बेनीवाल पश्चिमी राजस्थान से बड़े किसान नेता के रूप में अपनी पहचान रखते है, ऐसे में इस बेनीवाल के इस तेवर पर सियासत में खलबली सी मच गई है । वंही किसानों में बेनीवाल के समर्थन के बाद जोश देखा जा रहा है ।