दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत महिला कार्मिकों को आवश्यक और न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं


प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन-बल प्रमुख डॉ. दीपनारायण पाण्डेय ने कहा है कि दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत महिला कार्मिकों को आवश्यक और न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसके लिए संबंधित मुख्य वन संरक्षक और उप वन संरक्षक आवश्यक कार्रवाई करें। वे बुधवार शाम को अरण्य भवन में आयोजित विभागीय बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में डॉ. पाण्डेय ने मुख्य वन संरक्षक और उप वन संरक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा महिला कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता रखी जाए। दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यरत महिला कार्मिकों को कार्यस्थल पर आवश्यक और न्यूनतम सुविधाओं मिल सके, ऐसी व्यवस्था की जाएं। अगर किसी प्रकार की शिकायत है तो उसका तुरंत निस्तारण किया जाए।

डॉ. पाण्डेय ने वन सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए वनों और वन्य जीवों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस दौरान पेंशन प्रकरण, वन कर्मियों के स्थायीकरण की समस्याओं पर चर्चा करते हुए इनके तुरंत निष्पादन के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिला और संभाग स्तर पर वार्षिक कार्य मूल्यांकन में देरी नहीं किये जाने, शोध और नवाचार अपनाते हुए कार्य करने, वन कर्मियों के लंबित जांच प्रकरणों में कार्यवाही, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लोगों तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद, समय पर कार्य करने, कार्य स्थल पर आचरण और अनुशासन, नवीन वृक्षारोपण मण्डल, संयमित ग्रास लैंड विकास, हैबिटेट संधारण और सुधार के कार्य करने के निर्देश भी दिए। वृक्षारोपण कार्यों को भी समुचित तरीके से करने के निर्देश देते हुए डॉ. पाण्डेय ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से विभागीय कार्यों को तत्परता से करने का आह्वान किया।