- कोरोना से जंग में सरकार ने राजस्थान सतर्क है.. का नारा दिया था.. लेकिन लगता है कि अब इस नारे को अपराधियों ने कैप्चर कर लिया है। तभी तो राजस्थान में सरकार नहीं बल्कि बदमाश, अपराधी और असामाजिक तत्व सतर्क है। जबकि बच्चे, युवा, बुजुर्ग, व्यापारी और महिलाएं असुरक्षित है। अपराध के लगातार बढ़ रहे आंकडे इन सबकी गवाही दे रहे हैं कि किस तरह राजस्थान में अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस की सभी एजेंसियां सुस्त पड रही हैं। पहले डूंगरपुर बवाल फिर गैंगरेप की घटनाएं और अब जिंदा जलाकर हत्या करने के मामलों में सरकार घिर रही है। राजस्थान में अनलॉक के बाद इतनी तेजी से अपराध बढ़े हैं कि तीन महीने में ही साठ हजार से ज्यादा अपराध थानों तक पहुंचे हैं।
550 से ज्यादा मर्डर, दो हजार अपहरण और 1700 से ज्यादा रेप
- अनलॉक होने के बाद अपराध भी अनलॉक हो गए। जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों में अपराध ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जुलाई से लेकर सितंबर तक तीन महीने में प्रदेश के करीब 875 पुलिस थानों में दर्ज होने वाले अपराध की बात की जाए तो 90 दिन के दौरान करीब 60 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें हत्या के 559 मामले, हत्या के प्रयास के 624 मामले, बलात्कार के 1720 मामले, 2040 अपहरण के मामले और चोरी के करीब 8419 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। छोटे—मोटे अपराधों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। बड़ी बात है कि करीब 95 हजार से भी ज्यादा पुलिस बल होने के बाद भी राजस्थान में अपराध तेजी से बढ़ता जा रहा है।
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