उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर मोदी-योगी के डबल इंजन से ही चलने का फैसला कर लिया है। रुझानों में भाजपा 260 प्लस सीटें हासिल करती दिख रही है। यूपी में पहली जीत का ऐलान भी योगी के कैंडिडेट के नाम ही रहा है। पीलीभीत की बरखेड़ा सीट पर जयद्रथ ने सपा के हेमराज को हराया।
हालांकि, रुझान यह भी बता रहे हैं कि योगी पिछली बार वाली परफॉर्मेंस नहीं दोहरा पाए हैं। पिछली बार 312 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। भाजपा को 60 सीटों का नुकसान हो रहा है और इसका फायदा अखिलेश उठा रहे हैं। सपा को 80 सीटों का फायदा हो रहा है और इसीलिए वह अभी भी पॉजिटिव सोच बनाए हुए है। सपा ने ट्वीट किया कि 100 सीटों पर वोटों का अंतर 500 वोटों का है इसलिए कार्यकर्ता और नेता अलर्ट रहें।
सबसे बुरा हाल बसपा और कांग्रेस का है। ये दोनों पार्टियां अभी तक उतनी सीटें भी नहीं जीत पाई हैं, जितने फेज में चुनाव हुए यानी 7 से भी कम। कांग्रेस तो सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में ही तीसरे नंबर पर है। यहां भाजपा की अदिति आगे चल रही हैं।
गोरखपुर में योगी और करहल में अखिलेश आगे चल रहे हैं, लेकिन चुनाव से पहले अखिलेश का हाथ थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य फाजिल नगर में 26 हजार वोटों से पीछे हैं। योगी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी सिराथू में अभी पीछे ही चल रहे हैं।