चेतावनियों से बेअसर है ट्विटर,पढ़े मामला

FILE PHOTO: People holding mobile phones are silhouetted against a backdrop projected with the Twitter logo in this illustration picture taken September 27, 2013. REUTERS/Kacper Pempel/Illustration

 

नई दिल्ली माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर और भारत सरकार के बीच जारी तनातनी फिलहाल थमती नहीं दिख रही है। कई बार मोहलत मिलने के बावजूद ट्विटर ने अभी तक भारत के आईटी नियमों के अनुरुप शिकायत अधिकारी नियुक्त नहीं किया है और गुरुवार को ट्विटर ने दिल्ली हाईकोर्ट के बताया है कि नियुक्ति करने में अभी उसे 8 हफ्ते यानी करीब 2 महीने का समय लगने वाले है। ट्विटर को दिल्ली हाईकोर्ट ने डेडलाइन दी थी, जो आज खत्म हो रही है।

ट्विटर को कोर्ट ने 8 जुलाई तक का वक्त दिया था, जिसमें उसे बताना था कि नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के अनुपालन में वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी (आरजीओ) की नियुक्ति कब तक करेगा। अब ट्विटर ने कोर्ट में बताया है कि उसे नया शिकायत अधिकारी नियुक्त करने में 8 हफ्ते का समय लगेगा। ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा।

ट्विटर ने यह भी बताया है कि आईटी नियमों के अनुपाल से संबंधित अपनी पहली रिपोर्ट वह 11 जुलाई तक पेश करेगा। ट्विटर ने कहा है कि वह 2021 से लागू नए आईटी नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उसे इन नियमों की वैधता को चुनौती देने का अधिकार है।

ट्विटर ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि उसे भरोसा है कि वह 8 हफ्ते के अंदर योग्य कैंडिडेट को शिकायत अधिकारी पद पर नियुक्त करेगा। ट्विटर ने कहा कि यह नियुक्ति होने तक कंपनी ने भारत के निवासी को अंतरिम शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है। ट्विटर के मुताबिक, यह नियुक्ति 6 जुलाई से प्रभावी है।

दरअसल, इससे पहले माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि अदालत को यह सूचित नहीं किया गया था कि स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की इससे पहले नियुक्ति केवल अंतरिम आधार पर थी और वह इस्तीफा दे चुके हैं।