
किसानों के आंदोलन का आज 14वां दिन, सरकार ने कहा- वर्क-इन-प्रोग्रेस, आखिरी चर्चा की उम्मीद
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 14वां दिन है। सरकार ने आज तीनों नए कृषि कानूनों में बदलाव का लिखित प्रस्ताव किसानों को भेज दिया है। सरकार ने कहा है कि उम्मीद है अब किसानों से बातचीत का आखिरी दौर होगा। दूसरी तरफ किसान कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। सरकार के प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए सिंघु बॉर्डर पर किसानों की चर्चा हो रही है।
सरकार ने कहा- वर्क-इन-प्रोग्रेस
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के लिए सरकार के तीन मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें किसानों को भेजे गए प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा- जब एक अंतिम दौर की बातचीत हो रही हो, तो यह वर्क-इन-प्रोग्रेस माना जाता है। इसकी रनिंग कमेंट्री नहीं हो सकती। किसानों के मुद्दों पर सरकार संवेदनशील है।सरकार ने किसानों से 6 बार चर्चा की है। उम्मीद है अब आखिरी दौर होगा।


