
इस बार कोरोना का अटैक युवाओं पर ज्यादा, बीकानेर में आज सुबह आए पॉजिटिव में 270 की आयु चालीस साल से कम
बीकानेर सहित देशभर में कोरोना वायरस ने इस बार युवा वर्ग को अपने निशाने पर लिया है। यही कारण है कि बीकानेर में भी पचास फीसदी से अधिक पॉजिटिव केस उन सेम्पल के आ रहे हैं, जिनकी उम्र महज चालीस साल से कम है। इसमें भी सर्वाधिक पॉजिटिव 20 से 29 वर्ष की आयु के युवा हो रहे हैं। ऐसे में इस वर्ग को सबसे ज्यादा सुरक्षित रहने की जरूरत है।
दैनिक भास्कर ने गुरुवार सुबह 460 रोगियों की सूची की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। इससे साफ है कि कोरोना वायरस ने इस बार युवाओं और बच्चों पर हमले करने की ठान रखी है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां परिवार के सभी युवाओं को इस रोग ने जकड़ लिया है। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा पॉजिटिव 20 से 29 साल के युवा है। 460 में इनका आंकड़ा 110 रहा। वहीं 30 से 40 आयु वर्ग के यूथ 106 पॉजिटिव हुए हैं। पिछली लहर में युवाओं की संख्या कम थी और बच्चों की संख्या तो नगण्य थी। इस बार बच्चों को भी कोरोना ने चपेट में लिया है। गुरुवार सुबह के आंकड़े में 11 से 19 साल के 46 बच्चे पॉजिटिव आये हैं। इनमें कुछ भाई-बहन है। वहीं लूणकरनसर का एक साल का बच्चा भी कोरोना पॉजिटिव आया है। एक से दस साल के आठ बच्चों में सुबह पॉजिटिव लक्षण पाये गए हैं। इनमें पूगल के दो नन्हें-मुन्ने भाई बहन भी शामिल है। इनमें एक की उम्र चार साल है तो दूसरे की महज दो साल। गजनेर में गुरुवार को सुबह छह पॉजीटिव आए हैं और सभी की उम्र चालीस साल से कम है।
बुजुर्ग भी कम खतरे में नहीं
इस रिपोर्ट के मुताबिक 460 में 190 पॉजिटिव हैं, जिनकी उम्र 41 वर्ष से अधिक है। यह आयु भी कम नहीं है। बड़ी संख्या में सीनियर सिटीजन यानी साठ साल से अधिक आयु वृद्धजन भी कोरोना संक्रमित पाये गए हैं। ऐसे में इस आयु वर्ग को भी सुरक्षित रहने की जरूरत है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि वैक्सीनेशन के बाद कितने लोग पॉजीटिव हुए हैं।
गांव-शहर हर कहीं युवा खतरे में
इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गांव हो या शहर, हर कहीं युवाओं को सबसे ज्यादा चपेट में लिया गया है। इसका बड़ा कारण इसी आयु वर्ग का घर से बाहर निकलना भी है। वहीं चालीस से कम आयु वर्ग के युवाओं को अभी वैक्सीन भी नहीं लगी है। जबकि 45 से ऊपर काफी संख्या में लोग वैक्सीनेट हो चुके हैं।


