एलीमेंट्री सैकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रान्तीय आह्वान पर राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं शिक्षको के सितंबर माह से वेतन कटौती आदेशों के खिलाफ आन्दोलन के तृतीय चरण में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद ने बताया कि शनिवार को सरकार के इस निर्णय के खिलाफ जिले भर की सभी स्कूलों एवं कार्यालयों में शिक्षकों द्वारा वेतन कटौती आदेश के विरोध में हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करवाया ।
सलावद ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों पर एक के बाद एक आर्थिक हमले कर रही हैं जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों एवं शिक्षको के वेतन से की जा रही जबरन वसूली का रेसटा पुरजोर विरोध करता है। वित्त विभाग की पांचवी अनुसूची के अन्तर्गत की जा रही वसूली के कारण लगभग दो लाख से अधिक राज्यकर्मियों के वेतन से 5 से 7 हजार रूपये प्रतिमाह वसूल किया जा रहा है। इसको सहन नहीं किय जाएगा।
अगर सरकार की ओर सेवेतन कटौती आदेश को वापस नहीं लिया गया तो जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद,महामंत्री श्याम सुंदर बिश्नोई, मुख्य संगठन मंत्री काशी सारस्वत, प्रदेश मंत्री मोहन लाल मीणा,संगठन मंत्री भावना मक्कड़,कालूराम मीणा, प्रधानाचार्य अंशु जैन, रेणु वर्मा, नरेंद्र व्यास,अनवर,गोपाल,अल्का,गुलशन, रमन मुदगल, बबीता वर्मा,निर्मला केशवानी, कुलजीत कश्यप,विकास पंवार,जमाराम सोढा,सरस्वती,अर्चना राठौड़,प्रधानाचार्य संतोष गक्कड़,पुष्पा चौधरी, नारायण कड़वासरा, संतोष अनेजा,कांता चौहान,ममता,वीणा यादव,देवकी भाटी,रतिराम,मुकेश चौधरी,शंकरलाल मीणा,सुरेन्द्र वर्मा,महिमा पालीवाल,गायत्री सुथार,रजनी,सौरव कश्यप,गणेश शना,जयराम मीणा,तपसीराम,राजेन्द्र कुमार,लोकेश मीणा सहित सैकड़ों शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया।