पैराटीचर्स को नियमित करने व उर्दू संधर्ष समिति को समर्थन- एन.डी. कादरी


 

बीकानेर।मुस्लिम महासभा के राष्ट्रीय सचिव एन.डी.कादरी ने बताया की बड़ा अफसोस होता है हमारी कौम के लोगों किए जा रहे काम में भी राजनीतिक लोग अड़ंगा डालते हुए, हर एक व्यक्ति रहबर बनकर यह दर्शाना चाह रहा है,कि क़ौम की रहनुमाई मुझ से बेहतर कोई नहीं कर सकता यहां तक की कुछ लोग क़ौम के नौजवानों बच्चों द्वारा अपने संधर्ष से करवाएं काम का सैहरा भी अपने सिर बंधवाने की नाकाम कोशिश कर रहे है। जैसे सब-कुछ इन्हीं के द्वारा किया गया है। स्कूल कालेज आदि में उर्दू इन्हीं के लोगों ने शुरू करवाया गया हो जबकि इसके लिए हमारी कौम के कुछ लोगों ने समय-समय इनका विरोध करते हुए राजनीतिक पार्टी को प्राथमिकता दी है। जिसका मुस्लिम महासभा घोर निन्दा करतीं हैं।एन.डी. कादरी कहा कि “तारीफ अल्लाह” की बाकी सब बकवास, अल्लाह का शुक्र है, मेरी कौम के नौजवानों बच्चों को अल्लाह ने हिम्मत और हौसला दिया, जो अपनी मेहनत मे कामयाबी हासिल की, इस मामले में मुस्लिम महासभा का भी पूर्ण सहयोग रहा, बाकी का काम जमीनीस्तर पर चुरू निवासी ठाकुर शमशेर खां भालू ने दांढी यात्रा हों या इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का यह काम शमशेर भालू खां ने किया, मुस्लिम महासभा ने भी अपना कर्तव्य समझकर हर समय इनके दुःख दर्द में सहयोग किया, राजनैतिक संगठनों के अतिरिक्त अन्य लोगों ने भी भरपूर अपनी क्षमता अनुरूप सहयोग दिया, इस बात से नौजवान भली भांति जानते समझते हैं, इन्होंने झूठ की बुनियाद पर वाहवाही लेने वाले लोगों का खुब विरोध करते हुए पोल भी खोली है।मेरी समझ में इस समय उर्दू हो या उर्दू पैराटीचर्स का मामला क़ौम के नौजवानों द्वारा अपने स्तर अच्छे से काम किया जा रहा है। जिसका मुस्लिम महासभा समर्थन करती है। और उन राजनीति करने वाले लोगों से आग्रह भी कौम के राजनेताओं को इनका मनोबल बढ़ा नहीं सकते तो ऐसा काम नही करें, इससे इन नौजवान बच्चों का मनोबल गिरे, कौम के राजनेता सहयोग नहीं कर सकते तो शांत रहकर इनको अपना काम करने दे,इनकी कामयाबी में रोडा नहीं बनें, मुस्लिम महासभा हमेशा हक़ के साथ थी है और रहगी।