बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गत 2 महीने से चल रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत जिले की 150 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इसके तहत आयोजित की गई बिटिया गौरव रथ यात्रा का समापन शुक्रवार को रुणियाबड़ा बास मेेंं किया गया। गणमान्य नागरिकों द्वारा रथ यात्रा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक राजेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य बालिका शिक्षा के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है ।
बाल लिंगानुपात को बराबरीपर लाने के लिए इन विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से समाज में बालिका के सम्मान के प्रति नई सोच विकसित करने का प्रयत्न किया गया है ।उन्होंने कहा कि हमें लड़के और लड़की के भेद को मिटा करकरते हुए समाज के विकास में योगदान दे सकें। स्कूल की प्रिंसिपल चंद्रकला चौधरी ने भी बेटियों को समानता के अवसर देकर समाज को प्रगति की राह पर ले जाने का संदेश दिया ।कार्यक्रम में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की डा मंजू नागल ने महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाली हिंसा और रोकथाम के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी दी। शेरेरां पंचायत में भी रथ यात्रा का स्वागत किया गया और विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल पुष्पा चौधरी ने बालिका शिक्षा के जरिए समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षा के जरिए ही अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो सकेंगी। राजेरा ग्राम पंचायत में भी विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर एक नाटक के जरिए संदेश दिया गया। इस अवसर पर कोरोना के समय अपने विशिष्ट सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनी आदि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई।