- जयपुर. पिछले काफी समय से घाटे में चल रही राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) को कोरोना ने और गर्त में धकेल दिया है. कोरोना (Covid-19) के चलते राजस्थान रोडवेज को नियमित घाटे के अलावा 426 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फटका लगा है. सीएम अशोक गहलोत ने रोडवेज की माली हालत को दुरुस्त करने और कर्मचारियों के लंबित भुगतान के जल्द निपटारे को लेकर प्रबंधन को नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं. इसके साथ ही सीएम ने कहा है कि रोडवेज प्रबंधन कोरोना काल में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखे.
- सीएम ने गुरुवार को रोडवेज और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की. उन्होंने रोडवेज को घाटे की स्थिति से उबारने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि रोडवेज प्रबंधन बसों में जीपीएस लगाने और ऑनलाइन टिकटिंग सहित अन्य तकनीकी इनोवेशन को प्रोत्साहन दे. सीएम ने कहा कि रोडवेज की खराब आर्थिक स्थिति के कारण सेवानिवृत्त कार्मिकों को अपने परिलाभों के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है. इन कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द बकाया भुगतान करने की योजना बनाई जाए.
कोरोना काल में रोडवेज ने संवेदनशीलता से काम किया
- मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण रोडवेज को करीब 426 करोड़ रुपयों की अतिरिक्त हानि होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट की विपरीत परिस्थिति में श्रमिकों, कोचिंग छात्रों एवं अन्य जरुरतमंदों को गंतव्य तक पहुंचाने में रोडवेज ने संवेदनशीलता से काम किया है. कोविड के कारण अस्थि विसर्जन के लिए निःशुल्क मोक्ष कलश स्पेशल बसों का संचालन जैसा मानवीय कदम सरकार ने उठाया है. यह सेवा अभी भी जारी है. सीएम ने कहा कि रोडवेज की बसों में कोविड-19 को देखते हुए अनिवार्य रूप से मास्क लगाए जाने, सैनिटाइजेशन और अन्य हेल्थ प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए. इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं हो.