राजस्थान: फिर घिरे गहलोत सरकार के ऊर्जा मंत्री, जानें विपक्ष के सवालों ने कैसे उलझाया?


बीकानेर। आज सदन में अजीब वाकया सामने आया। जब भर्ती परीक्षा के सवाल पर जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री कल्ला उलझ गए ओर जवाब देते नहीं बना। इस दौरान दर्शक दीर्घा से भी लिखकर कल्ला को कागज दिया गया तब जाकर मंत्री कल्ला जवाब दे पाए। मामला आज विधानसभा की कार्यवाही का है। जब सूचना सहायक भर्ती 2013 में टीएसपी क्षेत्र के लिए अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के मामले में आज विधानसभा में मंत्री बीडी कल्ला आंकड़ों में ऐसे उलझे कि उनसे जवाब देते नहीं बना। विधायक बाबूलाल के मूल प्रश्न के साथ ही स्पीकर सीपी जोशी व नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी सवाल दागे, लेकिन मंत्री बीडी कल्ला संतोषजनक जवाब नही दे सके।

प्रश्न विधायक बाबूलाल ने पूछा था और यह वर्ष 2013 में हुई सूचना सहायक के पदों की भर्ती से जुड़ा था। प्रश्न के जवाब में बीडी कल्ला ने कहा कि सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वर्ष 2013 में सूचना सहायक के कुल 4829 पदों हेतु भर्ती विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसमें अनुसूचित जनजाति के कुल 741 पद थे। जिनमें से 185 पद अनुसूचित क्षेत्र के एवं 556 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र के थे। अनुसूचित क्षेत्र में 28 पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई एवं गैर-अनुसूचित क्षेत्र के 258 पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई।

इस पर विधायक बाबूलाल ने पूछा कि टीएसपी क्षेत्र के 185 पद आरक्षित करने के लिए क्या नियम कायदे अपनाए गए और जब 185 पद आरक्षित है तो फिर 28 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति क्यों दी गई। लेकिन मंत्री बीडी कल्ला इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सके इस बीच स्पीकर सीपी जोशी और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी टीएसपी क्षेत्र के लिए आरक्षित किए गए पदों के बारे में सवाल कर डाले लेकिन शायद बीडी कल्ला पूरी तैयारी के साथ नहीं आए थे इसलिए सदन में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा।

इस बीच जब बीडी कल्ला से जवाब देते नहीं बन रहा था तो अधिकारी दीर्घा से उनके लिए कागज पर जानकारी भी भिजवाई गई लेकिन इसके बावजूद स्पीकर सीपी जोशी संतुष्ट नजर नहीं आए। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को अधिकारी दीर्घा से संबंधित कागज लाकर मंत्री बीडी कल्ला को देने पड़े। आखिर में बीडी कल्ला ने कहा कि कार्मिक विभाग के परिपत्र दिनांक 07.06.2010, 01.07.2015 एव 24.02.2020 द्वारा प्रदत्त निर्देशों की अनुपालना में विभाग की आगामी भर्तियों में अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग को शामिल कर भर्ती प्रक्रिया संपादित की जावेगी।