- राजस्थान में तीन विधानसभा सीटों पर मतगणना के परिणाम आ गए हैं। सहाड़ा से कांग्रेस की गायत्री देवी, सुजानगढ़ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल और राजसमंद से भाजपा की दीप्ति माहेश्वरी ने जीत दर्ज की है। तीनों सीटों पर दिवंगत विधायकों के परिजनों को पार्टी ने टिकट दिया था, तीनों ने जीत दर्ज की। यानी सहानुभूति की लहर ने सबकी नैया पार लगा दी। ऐसा इसलिए भी जीत दर्ज करने वाले तीनों विधायक पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि तीनों सीटों के नतीजे कुछ भी रहे। जीतने वाले तीनों प्रत्याशी जश्न न मनाएं, कोविड का ध्यान रखें।
राजसमंद: भाजपा-कांग्रेस में कड़ा मुकाबले के बीच भाजपा की जीत
- 25 राउंड की फाइनल काउंटिंग के बाद राजसमंद में बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 5165 वोट से जीतीं। कांग्रेस के तनसुख बोहरा को 68966, जबकि दीप्ति को 74131 वोट मिले हैं।
- 24 राउंड के बाद राजसमंद में बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 5122 वोट से आगे हैं। उनकी जीत तय है। क्योंकि आखिरी राउंड में बहुत कम वोटों की गिनती होनी है।
- 22 राउंड के बाद दीप्ति माहेश्वरी 3735 वोट से आगे। कांग्रेस के तनसुख बोहरा को 63045 और दीप्ति को 66780 वोट मिले। अब 3 राउंड की मतगणना शेष।
- 18वें राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 4397 वोट से आगे। कांग्रेस के तनसुख बोहरा कांग्रेस को 52163 और बीजेपी को 56560 वोट मिले। अब तक 75% मतगणना हो चुकी है। 7 राउंड की मतगणना शेष है।
- राजसमंद में 16वें राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 1772 वोट से आगे। तनसुख बोहरा कांग्रेस को 47306 जबकि दीप्ति माहेश्वरी को 49078 वोट मिले।
- राजसमंद में 15 राउंड की गिनती हो चुकी है। यहां दीप्ति माहेश्वरी की बढ़त बरकरार है। वह 1696 वोट से आगे हैं। अब यहां 10 राउंड की मतगणना बाकी है। यहां अब तक 64% मतगणना पूरी हो चुकी है।राजसमंद में 14वें राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 2185 वोट से आगे। तनसुख बोहरा कांग्रेस को 41907 वोट मिले, जबकि दीप्ति को 44092 वोट मिले।
- राजसमंद में 12 राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 1859 वोट से आगे। तनसुख बोहरा कांग्रेस को 36776 और दीप्ति माहेश्वरी को 38635 वोट मिले।
- राजसमंद में 11 राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 2502 वोट से आगे। कांग्रेस को 33678 वोट मिले जबकि बीजेपी को 36180 वोट मिले।
- राजसमंद में 6वें राउंड के बाद बीजेपी 1550 वोट से आगे है। बीजेपी प्रत्याशी दीप्ति को 19947 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 18397 वोट मिले हैं।
- राजसमंद में 5 राउंड के बाद बीजेपी की दीप्ति माहेश्वरी 715 वोट से आगे। कांग्रेस के तनसुख बोहरा को मिले 15502 जबकि दीप्ति को 16217 वोट मिले हैं।
सहाड़ा: कांग्रेस की गायत्री देवी जीतीं
- सहाड़ा में 28 राउंड की काउंटिंग हो गई है। यहां कांग्रेस की गायत्री देवी ने 42099 वोट के अंतर से भाजपा को हराया है। गायत्री देवी को 81,151 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. रतन लाल जाट को 39,052 वोट ही मिले। वहीं, आरएलपी के बद्रीलाल जाट को 12,175 वोट मिले। यहां नोटा में 4074 वोट पड़े।
- सहाड़ा में 14 राउंड के बाद कांग्रेस की गायत्री देवी 19985 वोट से आगे। यहां उन्हें 41536 वोट मिले जबकि भाजपा के डॉ. रतन लाल जाट को 21551 और आरएलपी के बद्रीलाल जाट को 5954 वोट मिले।
- सहाड़ा में 12वें राउंड में कांग्रेस की गायत्री देवी की 16532 वोटों की लीड है। कांग्रेस को 35575 वोट मिले जबकि भाजपा के रतनलाल जाट को 19043 और आरएलपी के बद्रीलाल जाट को 4740 वोट मिले। यहां लोगों ने नोटा भी खूब दबाया। यहां नोटा में 1583 वोट पड़े।
- 10वें राउंड में कांग्रेस की गायत्री देवी 13781 वोट से आगे हैं। उन्हें 29710 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. रतन लाल जाट को 15929 और आरएलपी बद्रीलाल जाट को 3396 वोट मिले हैं।
सुजानगढ़: संक्रमित हुए कांग्रेस प्रत्याशी मेघवाल, जीत दर्ज की
- सुजानगढ़ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल जीत गए हैं। सीएम ने उनको बधाई दे दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी उनकी जीत का अधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
- 28वें राउंड में कांग्रेस को 34501 वोट से आगे है। कांग्रेस को 75671, भाजपा को 41170 और आरएलपी को 31133 वोट मिले। 27वें राउंड में कांग्रेस को 38670 वोट से आगे है। कांग्रेस के मेघवाल को 70985,भाजपा को 38670 और आरएलपी को 2950 वोट मिले हैं।
- सुजानगढ़ में 21वें राउंड में कांग्रेस 24010 वोट से आगे है। यहां कांग्रेस को 52984, भाजपा को 28974 और कांग्रेस को 26369 वोट मिले हैं।
- सुजानगढ़ में 6वें राउंड में कांग्रेस के मनोज मेघवाल ने 4222 वोट की बढ़त बना ली। यहां कांग्रेस को 14852, आरएलपी को 10630 और तीसरे नंबर पर रही। बीजेपी को 8979 वोट मिले हैं। सुजानगढ़ कांग्रेस प्रत्याशी मनोज मेघवाल कोरोना पाजिटिव हो गए हैं।
- सुजानगढ़ में तीसरे राउंड में कांग्रेस के मनोज मेघवाल 2811 वोटों से आगे। भाजपा यहां तीसरे नंबर पर है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया मूल रूप से चूरू के ही रहने वाले हैं। ऐसे में अगर भाजपा तीसरे नंबर पर रहेगी तो यह उनके लिए बड़ा झटका होगा।
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भास्कर का आकलन-ग्राउंड रिपोर्ट सटीक साबित होते हुए
अब तक आए रुझानों में भास्कर का एग्जिट पोल और ग्राउंड रिपोर्ट का आकलन सौ फीसदी सही साबित होता दिख रहा है। भास्कर ने एग्जिट पोल और ग्राउंड रिपोर्ट में सुजानगढ़ और सहाड़ा सीट पर कांग्रेस की जीत और राजसमंद में कड़ी टक्कर बताई थी। अब तक के रूझान उसी दिशा में जा रहे हैं।
सहाड़ा में पितलिया फैक्टर से भाजपा को नुकसान, गायत्री देवी को सहानुभूति का वोट मिला
सहाड़ा में भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया को जबरन चुनावी मैदान से हटने के लिए बाध्य करने के विवाद से भाजपा को भारी नुकसान हुआ है। पितलिया के मन में चुनाव न लड़ने देने की टीस के वायरल ऑडियो से भाजपा को नुकसान होता दिख रहा है। दिवंगत कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री त्रिवेदी को सहानुभूति का वोट मिला है।
राजसमंद में कांटे की टक्कर,भाजपा को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा
राजसमंद में भाजपा उम्मीदवार दीप्ति माहेश्वरी और कांग्रेस उम्मीदवार तनसुख बोहरा के बीच कांटे का मुकाबला चल रहा है। दीप्ति माहेश्वरी आगे जरूर हैं लेकिन मार्जिन बहुत कम है। भाजपा-आरएसएस के गढ़ राजसमंद में दिवंगत किरण माहेश्वरी की बेटी को जीतने के लिए इतना संघर्ष करना पड़े, यह चौंकाने वाला है। राजसमंद में भाजपा को आपसी गुटबाजी, कटारिया के महाराणा प्रताप पर दिए बयान का नुकसान होता दिख रहा है।
- मतगणना केंद्र पर वेटिलेटर, ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर अधिक संख्या में व्यक्ति एकत्रित नहीं हों। इसलिए मुख्य द्वार पर 2-3 जगह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। मतगणना स्थल के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है। कोविड को देखते हुए इसके अलावा, मतगणना स्थल पर 2 वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड तथा एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। ताकि आवश्यकता होने पर उसका तत्काल प्रयोग किया जा सके।
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उपचुनाव में तीनों जगह सहानुभूति फैक्टर कामयाब, 56 साल का रिकॉर्ड टूटा
विधानसभा उपचुनाव में तीनों सीटों पर सहानुभूति कार्ड चला है। पिछले 56 साल के इतिहास में इस बार यह पहला मौका है जब दिवंगत विधायकों के परिवार उपचुनाव जीत रहे हैं। एक सीट पर जीत हो चुकी है जबकि दो पर जीत तय है। 1965 से लेकर अब तक हुए उपचुनाव में जब-जब भी दिवंगत नेता के परिजनों को टिकट दिया। वे चुनाव हारते रहे हैं। इस बार 56 साल पुराना मिथक टूट गया है।
कांग्रेस-भाजपा जहां थे वहीं रह गए, न किसी को नफा न नुकसान
उपचुनावों के रुझानों के हिसाब से देखा जाए तो विधानसभा में संख्या बल में कांग्रेस और भाजपा दोनों जहां पहले थे वहीं के वहीं हैं। 3 में से 2 सीटें कांग्रेस और 1 भाजपा के पास थीं। अब भी 2 सीट कांग्रेस जीत रही है और एक पर भाजपा जीत गई है। इसलिए किसी का नफा नुकसान नहीं हुआ है। सुजानगढ़ में भाजपा के लिए सियासी झटका जरूर लगा है जहां पार्टी तीसरे स्थान पर है।