
माता-पिता ने नहीं देखा स्कूल का मुंह, लेकिन बेटे पर पूरे शहर की जिम्मेदारी
सोहन सिंह नरूका अलवर शहर के निकट मालाखेड़ा के पास सोहनपुर गांव के रहने वाले हैं। गांव में सोहन सिंह के पिता किसान का काम करते थे और मां गृहणी है। माता-पिता अनपढ़ हैं। सोहन सिंह को उनके पिता ने सरकारी स्कूल में ही पढ़ाया लिखाया। सोहन सिंह शुरू से ही होनहार विद्यार्थी रहे और स्कूल में टॉपर में शामिल रहे हैं। बारहवीं के बाद अलवर के राजर्षि कॉलेज में पढ़ाई की। दूसरे ही प्रयास के आरएएस की परीक्षा पास कर तहसीलदार बन गये। कुछ साल बाद में ही अब नगर परिषद अलवर में कमीशनर बनकर लौटे हैं। इसी के साथ उनकी पत्नी भी सेलटैक्स विभाग में सहायक आयुक्त बन गई और अब उनकी ड्यूटी भी अलवर में हैं। इतना सबकुछ होने के बाद आज भी दोनों बेहद साधारण सा जीवन व्यतीत करते हैं।