बीकानेर में 2118 किमी में तेल-गैस की होगी खोज, ONGC करेगी खनन कार्य


  • जयपुर: 
  • ओएनज़ीसी बीकानेर के 2118.83 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज करेगी. इसके लिए ओएनज़ीसी को 3 साल के लिए ब्लॉक आवंटित किया गया है. केन्द्र सरकार के पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय की अनुशंषा पर यह लाइसेंस जारी किया गया है.

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि ओएनज़ीसी इस क्षेत्र में क्रूड ऑयल एवं प्राकृतिक गैस की खोज पर फेज मेनर में करीब 74 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और 150 से 200 लोगों को प्रत्यक्ष व 500 से 700 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही उत्पादन आरंभ होने पर क्रूड ऑयल के उत्पादन पर 12.5 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर 10 प्रतिशत की दर से प्रदेश को राजस्व प्राप्ति होगी. ओएनज़ीसी द्वारा जैसलमेर बेसिन में पहले से ही खोज व खनन किया जा रहा है.

  • एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ओएनज़ीसी द्वारा बीकानेर में आरजे-ओएनएचपी-2019/1 ब्लॉक का आवंटन किया गया है. इस क्षेत्र में ओएनज़ीसी द्वारा खनिज क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस की खोज व उत्पादन किया जाएगा.  ओएनज़ीसी द्वारा इस क्षेत्र में 3 कुओं की खुदाई खोज व उत्पादन कार्य के लिए की जाएगी. एक कुएं की एक हजार मीटर गहराई तक खुदाई की जा सकेगी. जियो फिजिकल 2 डी व 3 डी सर्वे में 2 डायमेंशन में 100 लाइन किलोमीटर व 3 डायमेंशन में 300 लाइन किलोमीटर में सर्वे किया जा सकेगा.

  • सचिवालय में ओएनज़ीसी के अधिकारियों के साथ प्रगति समीक्षा में अग्रवाल ने  ओएनज़ीसी के जैसलमेर क्षेत्र के कुओं में उत्पादन कार्य पुनः शुरु करने के निर्देश दिए. ओएनज़ीसी के ग्रुप महाप्रबंधक रजत बसु ने बताया कि ओएनज़ीसी राजस्थान में विगत 65 वर्षों से खोज कार्य में लगी हुई है. ओएनज़ीसी 5 माइनिंग लीज पर कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि ओएनज़ीसी ने जैसलमेर क्षेत्र में 87 कुओं की खुदाई की है जिसमें से 32 कुओं में गैस है. वर्तमान में तकनीकी कारणों से उत्पादन कार्य बाधित है और करीब 45 किलोमीटर का गैस पाइपलाईन और गैस शुद्धीकरण संयत्र का कार्य चल रहा है जिसे 2021 में पूरा कर लिया जाएगा. पुरानी फिल्ड में गैस का पुनः उत्पादन और नए क्षेत्रों में गैस का उत्पादन 2022 तक शुरु हो जाएगा.