मोदी सरकार की प्राथमिकताओं मेंशामिल जनगणना और एनपीआर यानि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का काम जो इस साल होना था, वह कोविड-19 की भयावह हो रही स्थिति की वजह से टल गया है, वर्तमान परिस्थितयों को देखते हुए इसके अभी एक और साल तक शुरू होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
बता दे कि भारत की आबादी तकरीबन 1 अरब 30 करोड़ से ज्यादा है, ऐसे में देश में जनगणना दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान है, जिसमें लाखों कर्मचारी/अधिकारी लगेंगे। कर्मचारी/अधिकारी देश के हर कोने में प्रत्येक मकान में जाकर सर्वे करेंगे। कोरोना संकट के चलते निकट भविष्य में जनगणना और एनपीआर जैसे किसी कार्य की संभावना नजर नहीं आ रही है।
जनगणना को लेकर अधिकारियों की राय है कि ”फिलहाल के लिए जनगणना कोई अनिवार्य कार्य नहीं है। अगर इसे एक साल के लिए टाल भी दिया जाए तो कोई नुकसान नहीं होगा।” जानकारी के मुताबिक जनगणना 2021 का पहला चरण और एनपीआर को अपडेट करने का काम कब शुरू होगा, इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
लेकिन यह लगभग पक्का हैकि कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में यह काम नहीं होगा। बता दें कि जनगणना में मकानों को सूचीबद्ध करने और एनपीआर को अपडेट करने का काम पहले एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक होना था, लेकिन कोविड वायरस के फैलते संक्रमण की वजह से इसे टालना।