मास्टर उदय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता 14 मार्च से, प्रदेश की 10 /12 टीमें लेगी भाग, फाइनल विजेता को मिलेगा 21हजार का नकद पुरस्कार


  • बीकानेर.
    पुष्करणा खेल मैदान में एक बार फिर से फुटबॉल का जूनून देखने को मिलेगा। जहां पर मास्टर उदय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजन समिति के तत्वावधान में 14 से 21 मार्च तक फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस संदर्भ में आज हुए संवाददाता सम्मेलन में आयोजन समिति अध्यक्ष महेन्द्र व्यास ने बताया कि एक सप्ताह तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश की १० /12 उम्दा टीमें भागीदारी निभाएगी। इसमें मुख्यरूप से एजी जयपुर, विजय एफसी, जयपुर, अलवर, मेजबान उदय क्लब, बीकानेर की करणी क्लब, डीएफए नागौर, उदयपुर की टीमें शामिल होगी। संरक्षक शिवनारायण पुरोहित के अनुसार प्रतियोगिता का सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबला दूधिया रोशनी में खेला जाएगा। समिति सचिव अमित व्यास व पवन ओझा ने बताया कि विजेता टीम को २१००० रुपए और उपविजेता टीम को ११००० रुपए का नकद पुरस्कर राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए कमेटी का गठन किया गया है।

    खिलाडिय़ों का होगा सम्मान
    आयोजन से जुड़े भंवरलाल बोहरा ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान वरिष्ठ फुटबॉल खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही मैन ऑफ द मैच व सीरीज का पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

    यह हुए शामिल…
    इस मौके पर किशन ओझा,भंवरलाल बोहरा, पंकज सुथार, उमेश पुरोहित, श्याम हर्ष, शिव कुमार जोशी, महेश बोहरा, नगेन्द्र नारायण, भोमानंद, सुरेश, मीडिया प्रभारी उदय व्यास, राजा बोहरा आदि मौजूद रहे।

    ग्रांट ट्राफी का लोकार्पण
    उदय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता की ग्रांट ट्राफी व विजेता, उप विजेता ट्राफियों का अनवारण इस मौके पर अतिथियों ने किया।
    वर्जन
    राजकुमार बोहरा में नही जा सका पर जिले के उन होनहार युवाओ को आगे लेकर जाऊंगा जो फुटबाल खेल पर अपना सारा समय समर्पित कर देते है

    खेल को खेल की भावना से खेला जाए फुटबाल एक अच्छा खेल है जिसे भारत में खेल बहुत अच्छे- अच्छे खिलाड़ी है लेकिन कही प्रतिभा है वहां मंच नही जहां मंच है वहां प्रतिभा नही ऐसे में फुटबॉल एक ऐसा खेल जिसे खेल की भावना से खेला जाना चाहिये न की खेल में किसी प्रकार की राजनीति हो अगर कोई प्रतिभा है उसे राजनीति के चलते दबाकर आगे किसी और को भेज दिया जाता है में एक छोटे से जिले बीकानेर की बात कर लेता हूं राजनीतिकरण धनबल इत्यादि का प्रयोग नए नए क्लब खड़े हो जाते है ऐसे में बीकानेर की सेकड़ो प्रतिभा फुटबाल स्टेट नेशनल इंटरनेशनल तक खेलकर आ चुकी है जिनका सरकारी नोकरी में एक समिति कोटा है पर कुछ एक राजनीति हावी करके प्रतिभा को पीछे रखकर आगे किसी और को ले आते है।ऐसे में अपनी खुद की बात कर लेता हूं में पिछले 10 से 11 साल हो गए फुटबाल से जुड़ा हुआ हूं जिला स्तरीय जूनियर स्कूल टीम नेशनल टीम इत्यादि में जाकर सिल्वर मेडल लेकर आया हु उसके बाद सीनियर टीम के समय कॉलेज में होते हुए भी मेने अपना पूरा समय फुटबाल को समर्पित कर दिया फिर नेशनल खेला गोल्डमेडलिस्ट रहा तब पता चला यहां खेलो में राजनीति हो रही है और धनबल पर खेल को खेला जाता है प्रतिभा को दबाया जाता है ऐसे में राजकुमार बोहरा ने अपना वर्जन देते हुए कहा की अब में खुद खिलाड़ी हु और जिले का नाम फुटबाल में बुलंदियों पर ले जाना है में प्रतिभा था मंच मिला नही फिर मंच की तरफ जाने की कोशिश की तो राजनीति एव धनबल हावी रहा-राजकुमार बोहरा-फुटबालर नेशनल गोल्डमेडलिस्ट खिलाड़ी