- बीकानेर/25 सितम्बर
- कभी तेज गेंदबाज बनने का सपना लेकर अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत करने वाले जोधपुर के रवि विश्नोई अब दुबई में खेली जा रही आईपीएल में एक बेहतरीन स्पिनर के रूप में अपने जलवे दिखा रहे है। रवि ने आईपीएल के अपने दूसरे ही मैच में तीन विकेट झटक अपनी टीम किंग्स इलेवन पंजाब की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई। रवि के शानदार प्रदर्शन से न केवल उसके परिजन बल्कि शहर के सभी क्रिकेट प्रेमी आह्लादित है।
- 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की विश्व क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर लोगों के चहेते बने रवि को किंग्स इलेवन पंजाब ने दो करोड़ की भारी भरकम राशि देकर खरीदा था। आईपीएल के पहले मैच में एकमात्र विकेट लेने वाले इस लेग स्पिनर ने दूसरे ही मैच में अपनी उपयोगिता साबित कर दिखाई।
- लेग स्पिनर के रूप में उनकी गेंदबाजी विविधता भरी है। विशेषकर गुगली और फ्लीपर में महारत हासिल कर रखी है। अपनी इसी फिरकी के दम पर उन्होंने 32 रन देकर तीन विकेट लिए। इसमें सबसे यादगार विकेट एरोन फिंच को क्लीन बोल्ड करने वाला रहा। उनकी गुगली को फिंच बिलकुल भी नहीं भांप पाए और गेंद उनके बेल्स ले उड़ी।
- आईपीएल में रवि के शानदार प्रदर्शन ने उनके परिजनों के चेहरों की रौनक बढ़ा दी है। उनके पिता शिक्षक मांगीलाल ने कहा कि दुबई जाने के बाद रवि से बहुत कम बात हो पा रही है। कल भी मैच से पहले सिर्फ रवि ने वीडियो कालिंग में परिजनों से इतना ही कि एकदम ठीक हूं। चिंता की कोई बात नहीं है। आज मैच है, देखते है कैसा रहता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि रवि बड़े मैचों में भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है। उम्मीद है कि रवि अभी और मैच खेलने के साथ अपनी लय हासिल कर लेगा। वहीं शहर के क्रिकेट प्रेमियों में रवि को लेकर उत्साह का माहौल है। वे सभी बड़ी बेसब्री के साथ उसे गेंदबाजी करते देखने को आतुर नजर आए। रवि के प्रत्येक विकेट का उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर जश्न मनाया।
तेज गेंदबाज के बजाय बन गए स्पिनर
- जोधपुर से बारहवीं तक पढ़ाई करने के साथ पूरी तरह से क्रिकेट को समर्पित रवि का कहना है कि देश के अन्य बच्चों की तरह उन्होंने अपनी गली में टेनिस बॉल के साथ क्रिकेट खेलने की शुरुआत की। उस समय ज्यादा दूर की नहीं सोची थी। आठ बरस पूर्व जोधपुर में स्पार्टन क्रिकेट अकादमी में वे एक तेज गेंदबाज बनने की ललक लिए पहुंचे थे। वहां के कोच प्रत्युश और शाहरुख ने कुछ दिन पश्चात उन्हें तेज गेंदबाजी का मोह छोड़ एक स्पिनर बनने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने लेग स्पिनर के रूप में अभ्यास शुरू किया। उन्होंने अपनी लेग स्पिन में कई विविधता हासिल की, विशेषकर गुगली और फ्लीपर में महारत हासिल कर ली।