वार्ड 2 से भाजपा की पार्षदसुधा आचार्य ने पौत्री के जन्म पर परिवार के सभी सदस्यों के साथ थाली बजाकर नए मेहमान का स्वागत किया। उनके परिवार द्वारा इसे उत्सव के रूप में मनाया गया। सभी परिजनों ने छत पर थाली बाजकर पुत्री रत्न का स्वागत किया तथा मिठाई खिलाकर एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया। पार्षद आचार्य ने बताया कि उनके सिर्फ दो पुत्र हैं। ऐसे में दो पीढ़ियों बाद उनके घर में कन्या जन्म हुआ है। यह उनके लिए बेहद खुशी का माहौल है।
परिवार द्वारा इस अवसरको उल्लास के साथ मनाया गया। सुधा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सदैव बेटियों को समान अवसर देने के पैरोकार रहे हैं। इससे आमजन में भी चेतना आई है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा है कि प्रत्येक परिवार में बेटियों को आगे बढ़ाने के प्रयास हों। बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाई जाए क्योंकि एक शिक्षित और संस्कारित बेटी आगे जाकर दो घरों को रोशन करती।
इसी के साथ बीकानेर में डॉ सुधा आचार्य साहित्यकार वार्ड पार्षद 2 के घर आई एक नन्हीं परी। सुधा आचार्य ने पौत्री के जन्म पर थाली बजाई एव आस पास के लोग भी आये किसी ने कहा पोता हुआ है तो डॉ आचार्य ने कहा लक्ष्मी ने मेरे घर जन्म लिया है।लम्बे समय बाद पार्षद आचार्य के घर खुशियां आई ऐसे में आपको बता दे की डॉ सुधा आचार्य के पौत्री हुई है उनके प्रथम पुत्र निशांत बने पिता, निशांत जैसलमेर के बैंक में जोनल हेड है और ऐसे डॉ सुधा आचार्य के लाडेसर पुत्र में दुष्यंत बोले में चाचा बना हु और मेरे घर एक बालिका ने जन्म लिया है और अगर पिताजी होते तो शायद खुशियों का ठिकाने का पता नही। उनकी सोच ये ही थी मेरे पोती हो और में दादा बनू । आज घर के आंगन में लक्ष्मी आई उसके बाद खुशियां छाई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा केवल दिया जाता है सार्थक कितना हो पाता है ।
नवरात्रि के उपलक्ष्यपर 9 देवियों की पूजा हम होती ऐसे में मेरे घर भी मेरी पौत्री देवी के रूप में आई है इस बात की हमने खुशिया मनाई बेटी नही बचाओगे तो बहु कहा से लाओगे बेटी नही बचाओगे तो कलाई पर राखी बांधने वाली बहन कहा से लाओगे इसलिये मेरे घर आई नन्हीं परी देवी के रूप में आकर आज मेरी जोली खुशियों से भर दी ऐसे में डॉ सुधा आचार्य खुद साहित्यकार और पार्षद है। और हर सम्भव कोई व्यक्ति काम लेकर आता है उसका हर सम्भव कार्य करवाना ही प्रयास रहता है इसी क्रम में हमारे की तरफ से डॉ सुधा आचार्य पार्षद और हमारे मीडीया के सवांदाता को समय दिया और समाज मे एक मिसाल प्रस्तुत की वो काबिल ए तारीफ है।