सोने के भाव ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 4490 रुपये उछली चांदी


  • आज सोना अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 55000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चला गया है। वहीं चांदी 70000 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है। देशभर के सर्राफा बाजारों सोना 1197 रुपये की बड़ी छलांग लगाते हुए 55201 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं 4490 रुपये प्रति किलो की ऊंची छलांग लगाती हुई चांदी 69225 रुपये पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 5 अगस्त 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे…
धातु 5 अगस्त का रेट (रुपये/10 ग्राम) 4 अगस्त का रेट (रुपये/10 ग्राम) रेट में बदलाव (रुपये/10 ग्राम)
Gold 999 (24 कैरेट) 55201 54004 1197
Gold 995 (23 कैरेट) 54980 53788 1192
Gold 916 (22 कैरेट) 50564 49468 1096
Gold 750 (18 कैरेट) 41401 40503 898
Gold 585 ( 14 कैरेट) 32293 31592 701
Silver 999 69225 Rs/Kg 64735 Rs/Kg 4490 Rs/Kg

 

  • इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है। बता दें हाजिर बाजार में चांदी का भाव 2011 में 77,000 रुपये प्रति किलो तक उछला था।  सोने का भाव 16 मार्च 2020 को 38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था जिसके बाद सोने में करीब 40 फीसदी की तेजी आई है।

क्यों बढ़ रहे सोने-चांदी के भाव
  • केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। इससे शेयर बाजारों में जहां अनिश्चितता का माहौल है वहीं रियल एस्टेट भी पस्त पड़ा है। इस दौर निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित सोना ही नजर आ रहा है। निवेशकों का रुझान गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और बॉन्ड की तरफ बढ़ा है। यही वजह है कि सोने के रेट बढ़ते जा रहे हैं। वहीं कोरोनावायरस संक्रमण के कारण खनन कार्य प्रभावित होने और आपूर्ति बाधित होने से चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा चीन और अमेरिका के बीच व्यापार, व्यापार सहित कई मोर्चों पर तनाव बढ़ गया है। कोरोना वायरस से निपटने और चीन द्वारा हांगकांग के लिए एक सख्त नया सुरक्षा कानून थोपने की वजह से अमेरिका और चीन में एक नए शीत युद्ध की शुरुआत हो चुकी है।