गहलोत को NIA का डर, बागी MLA पर दर्ज राजद्रोह केस लेंगे वापस, वॉयस सैंपल से भी इनकार


  • गहलोत सरकार ने तय किया है कि बागी विधायक भंवर लाल शर्मा पर दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को वापस लिया जाएगा, क्योंकि राजद्रोह से जुड़े हुए मामले की जांच बिना राज्य सरकार की इजाजत के एनआईए अपने पास ले सकती है.

  • गहलोत को NIA का डर, बागी MLA पर दर्ज राजद्रोह केस लेंगे वापस, वॉयस सैंपल से भी इनकार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोर्ट में बोली गहलोत सरकार- वापस लेना चाहते हैं राजद्रोह का केसवॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार, ACB को भेजी जाएगी जांच।

  • राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में गहलोत सरकार ने अहम फैसला किया है. गहलोत सरकार ने तय किया है कि बागी विधायक भंवर लाल शर्मा पर दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को वापस लिया जाएगा, क्योंकि राजद्रोह से जुड़े हुए मामले की जांच बिना राज्य सरकार की इजाजत के जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अपने पास ले सकती है.

  • इसके साथ ही आज मजिस्ट्रेट कोर्ट में राजस्थान सरकार ने यह भी कह दिया कि वह कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा, विश्वेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज की जांच नहीं करना चाहती है.

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एसओजी से एसीबी को सौंपी जाएगी जांच
  • राजस्थान हाई कोर्ट में गहलोत सरकार ने कहा कि हम स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से मामले लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को मामला देना चाहते हैं. दरअसल, गहलोत सरकार को डर है कि कहीं इस मामले की जांच एनआईए न शुरू कर दी. इससे पहले गहलोत सरकार ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया था.

भंवरलाल शर्मा ने लगाई है याचिका
  • निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि राजस्थान सरकार ने गलत तरीके से उन्हें फंसा कर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है, लिहाजा इस मामले की जांच एनआईए से कराई जाए. इसकी सुनवाई से पहले ही सरकार ने कहा कि हम राजद्रोह का मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहते हैं.