आनंदपुरी के छापरा तालाब में गुरुवार सुबह बाेड़ियातलाई गांव के 7 वर्षीय राकेश और 3 साल के मुकेश डामाेर के शव मिले। कयास लगाए जा रहे थे शायद दाेनाें बालक किसी हादसे का शिकार हुए है। इत्तला पर पुलिस माैके पर पहुंची और जब हादसे की वजह तलाशी ताे सभी काे हैरत में पड़ गए। दाेनाें ही मासूम भाइयाें की हत्या की गई थी और हत्या का आराेप किसी और पर नहीं बल्कि उनके पिता जगमाल उर्फ जग्गू डामाेर पर था। पुलिस ने आराेपी पिता जगमाल काे गिरफ्तार कर लिया है। खुलासे के बाद जगमाल के ससुर बाेरवानिया निवासी कन्हैयालाल पारगी ने हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है। जगमाल के तीन बेटे और दाे बेटियां हैं।
यह बताया हत्या का कारण
सीआई पाटीदार ने बताया कि पूछताछ में जगमाल ने बताया कि उसके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। माता-पिता बार-बार उलाहना देते थे कि पांच बच्चे पैदा कर दिए पर कमाना कुछ नहीं है। अब इनको खिलाएगा कौन। आधारकार्ड भी नहीं बनाया। मुकेश और राकेश के आधारकार्ड बनते तो गेहूं भी ज्यादा मिलते। इस पर वह आधार कार्ड बनवाने की बात कहकर दोनो बच्चों को लेकर बाइक से निकला। रास्ते में उसने शराब पी। फिर बहन के घर ढोढिया गया, जहां खाना खाया। इस बीच, घर से फोन आया कि बच्चों को वापस लेकर घर आ जा। आधारकार्ड सुबह बना लेंगे। यह सुनकर वह गुस्से में आ गया। वह बच्चों को लेकर निकला और छापरा तालाब के पुलिया पर पहुंचकर दोनों बच्चों को तालाब में धक्का दे दिया।
परिवार में पति-पत्नी, तीन बेटेऔर दाे बेटियाें के अलावा माता-पिता है। कम आमदनी के बाद भी पांच बच्चे हाेने पर जगमाल के माता-पिता उसे उलाहना देते थे कि आखिर इन बच्चाें का पालन-पाेषण कैसे हाेगा। दाेनाें बेटे मुकेश और राकेश के आधार कार्ड नहीं बनवा पाने पर भी जगमाल काे सुनना पड़ रहा था। क्याेंकि, परिजनाें का कहना था कि अाधार कार्ड ही बनवा ले ताे कम से कम दाेनाें बेटाें के नाम से राशन का गेहूं ज्यादा मिल जाता। बार-बार के उलाहना से तंग आकर वह दाेनाें बेटाें के आधार कार्ड बनवाने की बात कहकर बुधवार शाम काे बाइक पर निकला। घर से कुछ गेहूं भी ले गया। रास्ते में शराब पी, फिर ढाेढीया गांव में बहन के घर गया। जहां खाना खाया। इसी दाैरान जगमाल पर घर से काॅल आया कि वह बेटाें काे लेकर घर लाैट आए। आधार कार्ड सुबह बना लेंगे। जिस पर जगमाल गुस्सा गया। वह दाेनाें बेटाें काे लेकर बाइक से घर के लिए रवाना हाे गया। लेकिन रास्ते में छापरा तालाब के पास पहुंचकर बाइक राेक दी। दाेनाें बेटाें काे पुलिये पर बिठाया और धक्का दे दिया। इसके बाद वह अपने घर चला गया।
बनाई मनगढ़ंत कहानी
अपने दाे मासूम बेटाें की हत्या करने वाले जगमाल ने अपनी करतूत छिपाने के लिए घर जाकर मनगढंत कहानी बताई। जगमाल ने बताया कि छापरा पुल के पास पहुंचने पर सामने से आ रही बाेलेराे की लाइट की राेशनी आंखाें में पड़ने पर उसकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया। जिससे वह नीचे गिर पड़ा। इसी दाैरान दाेनाें बेटे तालाब में जा गिरे। वह इसलिए बेटाें काे नहीं बचा पाया क्याेंकि, उसका पैर बाइक में फंस गया था। लेकिन, जगमाल की बाताें में संदेह झलकने पर परिवार के लाेगाें और ग्रामीणाें ने उसे खूब फटकारा तब जाकर जगमाल ने दोनों बेटाें काे तालाब में धक्का देने की बात कबूली।
इस खुलासे पर घरवालाें के साथही ग्रामीणाें के भी हाेश उड़ गए। सभी रात काे ही बालकाें काे तलाशने तालाब गए, लेकिन अंधेरा होने की वजह लाैटना पड़ा। इसी बीच दाे बालकाें की हत्या की खबर पुलिस तक पहुंच गई। जिस पर गुरुवार सुबह बागीदाैरा डिप्टी गजेंद्रसिंह राव,आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार और एएसआई चंद्रवीरसिंह भी दल के साथ माैके पर पहुंचे। तालाब में दाेनाें बालकाें के शव मिल चुके थे। थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि जगमाल से मनाेवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की ताे उसने दाेनाें बेटाें काे धक्का देकर तालाब में गिराकर मार देने की बात कबूल ली। जिस पर आरोपी जगमाल की कोरोना संबंधी स्क्रीनिंग करवाकर गिरफ्तार कर लिया है। परिजनाें ने बताया कि जगमाल पहले भी बच्चों को मार डालने की धमकी दे चुका था।
15 दिन पहले
पत्नी दाेनाें बेटियाें के साथ पीहर गई
आरोपी जगमाल आए दिन शराबपीकर घर में मारपीट करता था। तंगआ कर पत्नी 15 दिन पहले ही दाेनाें बेटियाें काे लेकर पीहर बाेरवानिया चली गई थी। तीनाें बेटे ससुराल में ही थे। अब राशन के गेहूं के लिए आधार कार्ड लिंक हाेना जरूरी है।ऐसे में राशन कार्ड में प्रति सदस्य का आधार कार्ड बनवाने पर गेहूं मिलता है। इसी वजह है कि दाेनाें बेटाें केआधार कार्ड नहीं बनवाने से दाे सदस्याें के हिस्से का गेहूं नहीं मिल पा रहा था।