राजस्थान पुलिस में शामिल होने के लिए इंतजार कर रहे करीब सत्रह लाख अभ्यर्थियों (कैंडिडेट) को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसके पीछे प्रदेश में हर दिन बढ़ रहे कोरोना वायरस का प्रकोप बताया जा रहा है। कोरोना का बढ़ते ग्राफ को देखते हुए सत्रह लाख अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा कराना असंभव प्रतीत हो रहा है। कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा कराने के संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भूपेंद्र सिंह की ओर बनाई गई कमेटी की कुछ दिन पहले तीन घंटे की मीटिंग हुई। बैठक में बताया गया कि परीक्षा को सही और सुरक्षित कराने को लेकर क्या प्लान बनाया जा सकता है। लेकिन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर यह बात सामने आई कि वर्तमान परिस्थितियों में वर्ष 2020 में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा करा पाना किसी भी एजेंसी के लिए संभव नहीं है।
डीजीपी द्वारा बनाई गई कमेटी में पुलिस आयोजना एवं कल्याण के डीजी उत्कल रंजन साहू, लॉ एंड ऑर्डर एडीजी सौरभ श्रीवास्तव, भर्ती एवं पदोन्नति एडीजी गोविंद गुप्ता, विजिलेंस के एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ और रूल्स एडीजी हेमंत प्रियदर्शी शामिल हैं। भर्ती परीक्षा आयोजित कराने को लेकर आ रही परेशानियों में सबसे बड़ी दिक्कत कोरोना संक्रमण की बताई जा रही है। ऐसे में सत्रह लाख अभ्यर्थियों का प्रदेश में यदि मूवमेंट होता है तो संक्रमण के और ज्यादा फैलने की आशंका हो जाती है। साथ ही दूसरी बड़ी परेशानी प्रशासन के सामने यह है कि निकाय चुनाव को लेकर अभी संशय बना हुआ है।यदि उस दौरान निकाय चुनाव आ जाते हैं तो परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। बैठक में हर एंगल पर गंभीर चर्चा होने के साथ इसके समाधान पर बात की गई।लेकिन मोटा रूप यही निकल कर सामने आया है कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इसे (भर्ती परीक्षा) स्थगित करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. कुछ दिनों में कमेटी अपना सुझाव डीजीपी के सामने पेश करेगी जिसके बाद गृह विभाग को परीक्षा के संबंध में जानकारी दे दी जाएगी।