
स्कूलों में पोषण आहार वितरण:सरकारी स्कूलों के 57 लाख विद्यार्थियों को चना दाल, तेल और मसाला देने की तैयारी
जयपुर लॉकडाउन अवधि में सरकारी स्कूलों में पकाए जाने वाले पोषाहार के रूप में खर्च होने वाली कुकिंग कन्वर्जन राशि इस बार खर्च नहीं हो पाई। मार्च से स्कूल बंद होने के कारण स्कूलों में पोषाहार की सामग्री पकाई नहीं जा सकी। अब इस बची हुई राशि से विद्यार्थियों को दाल, मसाले का कॉम्बो पैक देने की तैयारी है।
प्रदेश में 30 जून तक की अवधि के लिए 57 लाख से अधिक विद्यार्थियों को यह पैकेट देने के लिए मिड डे मील आयुक्तालय ने राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है। आयुक्तालय ने तीन चरणों में यह पैकेट वितरित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में 14 मार्च से 30 जून तक के 94 कार्य दिवसों की अवधि की बची हुई कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट से यह पैकेट वितरित किए जाएंगे।
इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। अधिकांश जिलों में यह कॉम्बो पैकेट पहुंच चुके हैं और जल्दी ही विद्यार्थियों के अभिभावकों को इन पैकेट का वितरण प्रारंभ हो जाएगा। दूसरे चरण में 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक के 99 कार्यदिवसों की बची हुई राशि से इन पैकेट का वितरण होगा। तीसरे चरण में 1 नवंबर के बाद की अवधि के लिए इन पैकेट का वितरण किया जाएगा। मिड डे मिल के उपायुक्त डॉ. आशीष व्यास का कहना है कि यह विद्यार्थियों का हक है जो उन्हें दिया जा रहा है। पैकेट वितरण की तैयारी पूरी हो चुकी है।
57,76,045 विद्यार्थियों को मिलेंगे कॉम्बो पैक
यह सामग्री पहली से 5वीं तक के 38,06,568 और छठी से 8वीं तक के 19,69,477 विद्यार्थियों को दी जाएगी। सर्वाधिक विद्यार्थी बाड़मेर के 4,03,660 हैं। सबसे कम विद्यार्थियों में सवाईमाधोपुर में 95,814, जैसलमेर में 77,119 और झुंझुनूं में 82,204 हैं। जयपुर में पहली से 5वीं तक के 1,82,836 और छठी से 8वीं तक के 1,12,623 विद्यार्थियों को यह सामग्री मिलेगी।


