बीकानेर संभाग में छाए बादल, बूंदाबांदी होने की संभावना; गर्मी बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी


राजस्थान के मौसम में आज बदलाव देखने को मिलेगा। बीकानेर संभाग के गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं जिलों में आज एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे आसमान में बादल छाए रहेंगे। वहीं कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। प्रदेश में बदलते मौसम के कारण किसानों और आमजन के लिए परेशानी बढ़ रही है। गर्म होते मौसम के कारण पश्चिमी राजस्थान में जीरा, इसबगोल की फसलें जल रही हैं। वहीं, उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सरसों की फसलों में पर माऊ कीट (चैंपा) का प्रकोप बढ़ रहा है।

जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आज एक कम तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं जिलों देखने को मिल रहा है। आज इन जिलों में कई जगह आसमान में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग की माने तो आज कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। शेष सभी क्षेत्रों में मौसम पूरी शुष्क है।

प्रदेश में आज के मौसम की स्थिति देखे तो अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। सीकर, जयपुर, पाली, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, डूंगरपुर, फतेहपुर में आज न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हनुमानगढ़ काे छोड़कर शेष सभी शहरों में दिन का तापमान भी कल 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया।

माऊ कीट का प्रकोप बढ़ा
राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी हिस्से में तापमान बढ़ने के साथ ही सरसों, मैथी की फसलों पर माऊ कीट का प्रकोप बढ़ गया है। कृषि विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ और फतेहपुर एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रोफेसर शीशराम ढाका ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा या बादल छाएंगे वैस-वैसे इन माऊ कीट की संख्या तेजी से बढ़ेगी। जो सरसों और मैथी की फसलों के लिए नुकसान दायक है। इसके अलावा शहरों में जब ये कीट उड़कर जाते हैं तो दुपहिया वाहन चालकों या पैदल चलने वालों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इन दिनों भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर संभाग के जिलों में सरसों की खेती पर फूल आ गए है, जिस पर ये कीट सबसे ज्यादा बैठते है और नुकसान पहुंचाते है।

22 फरवरी से फिर सक्रिय होगा एक पश्चिमी विक्षोभ
निदेशक ने बताया कि 21 फरवरी तक मौसम साफ रहने के बाद 22 फरवरी से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ भागों में देखने को मिलेगा। राजस्थान में गंगानगर, हनुमानगढ़ में इस पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है।