
बकरियां चराते गलती से भारतीय सीमा में आ गया 8 साल का करीम, पढ़े खबर
बाड़मेर में पाकिस्तान से सटी सीमा पर शुक्रवार शाम 5 बजे गश्त लगा रहे बीएसएफ के जवानों ने भारतीय सीमा में एक बच्चे को रोता हुआ देखा। वे बच्चे को अपने साथ ले आए और चौकी पर लाकर उसे खाना खिलाकर प्यार से चुप कराया। 8 साल के बच्चे ने अपना नाम करीम बताया। उसने बताया कि वह पाकिस्तान के थारपारकर जिले के नागरपारकर तहसील का रहने वाला है। उसके पिता का नाम दमन खान है। बकरियां चराते हुए वह रास्ता भटक गया और भारतीय सीमा में पहुंच गया।
इसके बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने पाकिस्तानी रेंजर्स को सूचना देकर शाम सात बजे फ्लैग मीटिंग की। इस मीटिंग में करीम को रेंजर्स के हवाले कर दिया गया। यहां से जाते समय करीम बहुत खुश नजर आ रहा था।
6 महीने से गेमाराम के लौटने का इंतजार
बाड़मेर जिले के बीजराड़ पुलिस थाना क्षेत्र के सज्जन का पार गांव निवासी एक युवक गेमाराम 5 नवम्बर को रात के अंधेरे में तारबंदी पार करके पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तान सीमा में जाते ही उसे 6 नवंबर को वहां के रेंजर्स ने पकड़ लिया। पाक रेंजर्स ने इस बारे में बीएसएफ को कोई जानकारी नहीं दी। कई दिन तक गेमाराम की खोजबीन के बाद बीएसएफ के पाक रेंजर्स से पूछने पर पता चला कि गेमाराम को रेंजर्स ने पकड़ पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने उसे जेल में डाल दिया। गेमाराम के परिजन बेसब्री के साथ उसके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद व केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी व पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह उसकी सकुशल वापसी के प्रयास कर चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान ने गेमाराम को अभी तक रिहा नहीं किया है।


