गहलोत सरकार ने सरकारी खर्च पर कटौती करने के लिए उठाए ये कदम,पढ़े खबर


  • बीकानेर/4 सितम्बर
  • कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के दौरान राजस्व प्राप्तियों में भारी कमी के बीच राजस्थान सरकार ने अपने खर्च में कटौती के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इसके तहत जहां सरकारी कार्यालयों के लिए नए वाहन व उपकरण खरीदने पर रोक लगा दी गई है, वहीं कोई नया कार्यालय भी नहीं खोला जाएगा। इसके साथ ही राजकीय भोज नहीं होगा और अधिकारियों की विदेश यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार ने गुरुवार को इन कदमों की घोषणा की।

  •  सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की चुनौती का सामना करते हुए मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, प्रभावित वर्ग को सहायता प्रदान करने व आर्थिक गतिविधियों में शिथिलता के कारण राजस्व प्राप्तियों में भारी कमी को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने वित्तीय कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए मितव्ययता परिपत्र जारी किया है।

  •  परिपत्र के अनुसार वर्ष 2020-21 के बजट की विभिन्न मदों जैसे कार्यालय व्यय, यात्रा व्यय, कम्प्यूटर अनुरक्षण, स्टेशनरी, मुद्रण व लेखन, प्रकाशन, पुस्तकालय तथा पत्र-पत्रिकाओं पर व्यय के लिए उपलब्ध धनराशि का व्यय इस वित्तीय वर्ष में 70 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। साथ ही, पीओएल मद में स्वीकृत प्रावधान के विरुद्ध व्यय को भी 90 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। परिपत्र के अनुसार शासकीय कार्यों के लिए की जाने वाली यात्राओं को न्यूनतम रखा जाएगा।

  • यथासंभव वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठकें आयोजित की जाएंगी। हवाई यात्रा के लिए अधिकृत अधिकारी इकॉनामी क्लास में ही यात्रा करेंगे और एक्जीक्यूटिव एवं बिजनेस क्लास में यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विमान किराए पर लेना तथा राजकीय व्यय पर विदेश यात्रा पर भी पूरी तरह प्रतिबंध होगा।