ऑक्सीजन सिलेण्डर बैंक शुरू करके बीकानेर में महावीर रांका ने एक सार्थक प्रयास किया है जिससे आने वाले दिनों में दूसरे भामाशाह भी जुड़ेंगे जिससे हालात ऑक्सीजन के निसंदेह सुधरेगें किन्तु सब कुछ दानदाताओं के भरोसे किया जाना संभव नहीं है, मात्र जयपुर से टीम भेजकर वाहवाही लूटने से कुछ हासिल नहीं होने वाला महामारी में हजारों की दवाईयां एवं मेडिकल इक्यूपमेंट ऑक्सीजन मास्क, निमु लाईजर मास्क, ऑक्सी मीटर, बीपी सुगर नापने की मशीन, इन्जेकशन आदि मरीज के परिजन अस्पताल से बाहर से खरीदने को मजबुर है।
सोशल एक्टिविस्ट डूंगरसिंह तेहनदेसर ने अवगत करवाया की पूर्व में उनके एक पारिवारिक सदस्य अस्पताल में इलाज करवाया हजारों रुपए की दवाई बाहर से खरीदी एवं अब मेरे चाचा का ई वार्ड में इलाज चल रहा पुन: हजारों की दवाईयां एवं अन्य सामान बाहर से खरीदा है क्यों कि अस्पताल में चार नम्बर काउंटर पर स्थाई रूप से किल्लत बताई जा रही है।
उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर आरोप लगाया राज के लोग खानापूर्ति का काम कर रहे है, कागजों में आंकड़ों में काम हो रहे है वास्तव में गरीब मरीज एवं उनके परिजन किस पीड़ा से गुजर रहे है उनका दिल जानता है, गांवों में साहूकारों से उधार लेकर अपने परिजनों को बचाने की जुगत कर रहे हैं।स्थानीय नेताओं एवं प्रशासन को समय समय पर पीबीएम की विजिट करनी चाहिए ताकि हालातों में वाकई में सुधार हो।