
प्लाज्मा थेरेपी को अच्छे रिजल्ट, 80 फीसदी मरीज हुए रिकवर,पढ़े खबर
कोटा में 3 कंडीशन में चढ़ाया प्लाज्मा
वहीं, आरटीपीसीआर जांच में जो मरीज नेगेटिव थे, पर क्लिनिकल व रेडियोलॉजी पिक्चर में उनकी स्थिति पूरी तरह कोविड फेवर में थी. डॉ. मनोज सालूजा ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी को तीन तरीके से परखा गया.
1 मरीज अस्पताल में कितने दिन भर्ती रहा.
2.मरीज को कितनी मात्रा में ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी.
3.मोरटेलिटी
करीब 20 फीसदी ऐसे मरीज थे जो अस्पताल में देर से भर्ती हुए. इस कारण ऐसे मरीजो में प्लाज्मा थेरेपी का असर नहीं हुआ. डॉ. सालूजा ने बताया कि कोटा में प्लाज्मा थेरेपी के नकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिले. उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने लिमिडेट मरीज़ो पर ही प्लाज्मा थेरेपी को स्टडी किया है. प्लाज्मा थेरेपी की स्टडी में अधिक संख्या में सभी तरह के मरीजों को लिया जाना चाहिए.


