बीजेपी की परिवर्तन यात्रा से पहले वसुंधरा की धार्मिक यात्रा, चारभुजा, नाथद्वारा और त्रिपुरा सुंदरी में करेंगी देव दर्शन


बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं से एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे धार्मिक यात्रा पर जा रही हैं। राजे का शुक्रवार का एक दिवसीय देव दर्शन का प्लान है। राजे देव दर्शन की शुरुआत राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर से करने जा रही है। इसी मंदिर से राजे ने 2013 और 2018 में भी यात्रा की शुरुआत की थी।

परिवर्तन यात्रा से पहले अचानक एक दिवसीय देव दर्शन का कार्यक्रम घोषित करके राजे ने एक बार फिर से सियासी चर्चाओं को जन्म दे दिया है। वहीं, 2 सितंबर को राजे सवाईमाधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से शुरू होने वाली पहली परिवर्तन यात्रा में शामिल होगी या नहीं। इसका कोई कार्यक्रम अभी तक जारी नहीं हुआ है।

चारभुजा, नाथद्वारा व त्रिपुरा सुंदरी के करेंगी दर्शन
वसुंधरा राजे शुक्रवार सुबह जयपुर से हेलिकॉप्टर से रवाना होकर सीधे राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर पहुंचेगी। यहां दर्शन के बाद राजे हेलिकॉप्टर से नाथद्वारा पहुंचेंगी। नाथद्वारा दर्शन के बाद राजे सीधे बांसवाड़ा जिले में स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाएंगी। राजे जब भी बांसवाड़ा जाती है। त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन जरूर करती हैं।

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बीजेपी की परिवर्तन यात्रा से पहले वसुंधरा की धार्मिक यात्रा:ठीक एक दिन पहले चारभुजा, नाथद्वारा और त्रिपुरा सुंदरी में देव दर्शन करेंगी
जयपुरएक घंटा पहले

बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं से एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे धार्मिक यात्रा पर जा रही हैं। राजे का शुक्रवार का एक दिवसीय देव दर्शन का प्लान है। राजे देव दर्शन की शुरुआत राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर से करने जा रही है। इसी मंदिर से राजे ने 2013 और 2018 में भी यात्रा की शुरुआत की थी।

परिवर्तन यात्रा से पहले अचानक एक दिवसीय देव दर्शन का कार्यक्रम घोषित करके राजे ने एक बार फिर से सियासी चर्चाओं को जन्म दे दिया है। वहीं, 2 सितंबर को राजे सवाईमाधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से शुरू होने वाली पहली परिवर्तन यात्रा में शामिल होगी या नहीं। इसका कोई कार्यक्रम अभी तक जारी नहीं हुआ है।

चारभुजा, नाथद्वारा व त्रिपुरा सुंदरी के करेंगी दर्शन
वसुंधरा राजे शुक्रवार सुबह जयपुर से हेलिकॉप्टर से रवाना होकर सीधे राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर पहुंचेगी। यहां दर्शन के बाद राजे हेलिकॉप्टर से नाथद्वारा पहुंचेंगी। नाथद्वारा दर्शन के बाद राजे सीधे बांसवाड़ा जिले में स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाएंगी। राजे जब भी बांसवाड़ा जाती है। त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन जरूर करती हैं।

वसुंधरा राजे ने करीब दो महीने पहले हरिद्वार में गंगा पूजन किया था। – Dainik Bhaskar
वसुंधरा राजे ने करीब दो महीने पहले हरिद्वार में गंगा पूजन किया था।
राजे की देव दर्शन यात्रा के सियासी मायने
इस बार बीजेपी द्वारा निकाली जा रही चार परिवर्तन यात्राओं में राजे पार्टी का चेहरा नहीं है। ऐसे में परिवर्तन यात्रा से ठीक एक दिन पहले राजे के देव दर्शन कार्यक्रम के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राजे की एक दिवसीय धार्मिक यात्रा में वह एक स्थान पर डेढ़ से दो घंटे ही रूकेंगी। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुट सकते हैं। ऐसा होने पर राजे की छवि क्राउड कैचर (भीड़ एकत्रित करने वाले) के रूप में निकलकर सामने आएगी। राजे ने अपनी धार्मिक यात्रा में उन स्थानों को चुना है, जहां से बीजेपी की परिवर्तन यात्रा सीधे तौर पर नहीं गुजरेगी।

वसुंधरा राजे का धार्मिक स्थानों से शुरू से लगाव रहा है, लेकिन उनकी कभी भी कट्टर हिंदूवादी छवि नहीं रही। इस बार परिवर्तन यात्रा से पहले राजे की देव दर्शन यात्रा को उनके प्रदेश में खुद को हिंदूवादी चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करने के रूप में भी देखा जा रहा हैं।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी को सीधी चुनौती
दरअसल, जब प्रदेश में परिवर्तन यात्राओं के कार्यक्रम फाइनल हो रहे थे। तब चर्चा थी कि राजे को सवाईमाधोपुर से शुरू होने वाली पहली परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी दी जा रही है। वहीं, डूंगरपुर के बेणेश्वरधाम से शुरू हो रही यात्रा की कमान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के हाथ में रहेगी।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार राजे दूसरी परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी चाहती थी। इसी यात्रा के रूट में उनका निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ शामिल है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में ईआरसीपी के मुद्दे के कारण बीजेपी की स्थिति भी अच्छी नहीं है। राजे का मानना था कि यह स्थिति केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के कारण हुई है। ऐसे में वो क्यूं इस यात्रा की जिम्मेदारी अपने ऊपर लें।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी बेणेश्वरधाम से शुरू होने वाली दूसरी परिवर्तन यात्रा की कमान अपने पास रखना चाहते थे। ऐसे में कल जिन-जिन जगहों पर राजे जाएगी। वो सभी जगह दूसरी परिवर्तन यात्रा के रूट में आती हैं। यहां कम समय में ज्यादा भीड़ एकत्रित करके राजे एक तरह से सीधे तौर पर सीपी जोशी को चुनौती देती हुई नजर आएगी। क्योंकि मेवाड़ मूलत प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी क्षेत्र माना जाता हैं।