
दुकान में छापा, पच्चास हजार का सामान जब्त, बताया 2500 का, आखिर कहां गया बाकी का सामान, देखे खबर
बीकानेर,26 मई।मेरा नाम जगदीश खीचड़ है और मैं किसी ऐरे गैरे की बात नहीं मानता,मैं अपनी मर्जी का मालिक हूँ,आयुक्त क्या कलेक्टर की भी औकात नहीं कि मुझसे पंगा ले सके।ये शब्द बीकानेर नगर निगम के रेवेन्यू कार्मिक जगदीश खीचड़ के हैं जिसने अपने साथ काम करने वाले जयप्रकाश मीणा से पीबीम अस्पताल के सामने एक दुकान कर अपनी आजीविका चलाने वाले एक विकलांग दुकानदार द्वारा पैसे मांगने पर उसकी दुकान से अवैधानिक तरीके से सामान जब्त कर ले जाने का विरोध करने पर कहे।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर के नगर निगम के रेवेन्यू कार्मिक द्वारा पीबीएम अस्पताल बीकानेर के जनाना गेट पर दुकान करने वाले विकलांग मुकेश की दुकान पर निगम कार्मिक जयप्रकाश मीणा पहुंचे और मुकेश से सामान लिया। मुकेश ने कहा 150 रुपये हो गए साहब तब मीणा को नागवारा लगा और कहा कि हमसे रुपये लेगा ? विकलांग मुकेश ने कहा कि साहब रुपये 210 हो रहे है जबकि में तो केवल एमरजेंसी जनरल आइटम देता हूं कोई विशेष देता नही ओर में रहता भी टेंट नुमा ये छप्पर में हूँ।
गुस्साए मीणा ने कहा 2 दिन बाद तू फ्री देगा, इस पर मुकेश ने विनम्रता से जवाब दे दिया कि कोई बात नही साहब।
इसी बात को लेकर निगम के रेवेन्यू अफसर जगदीश खीचड़ एक महिला होमगार्ड सहित जयप्रकाश मीणा एव एक व्यक्ति के साथ मुकेश की दुकान पर आये और करीब 50 हजार रुपये का सामान उठा कर गाड़ी में डाला और ले गए। प्रत्यदर्शियों ने विरोध भी किया कि विकलांग आदमी है ये तो बेचारा आप इसके साथ ऐसी हरकत कर रहे हैं? तब तक समान एकत्र किया एक बोलेरो गाड़ी में समान डलवाया।
बात पत्रकारों तक पहुंची तो जगदीश खीचड़ बोले 2500 रुपये का समान बरामद किया है।इस बात को लेकर निगम आयुक्त ए एच गौरी से बातचीत हुई तो उन्होंनें कहा मैं पता करवाता हूं।आयुक्त ने पता करवाकर बताया कि जब्त सामान रिलीज करवा दिया जाएगा। तीन बजे मुकेश का भाई और एक गाड़ी लेकर गए और समान देखा तो पता चला कि वो समान नहीं है जो जब्त किया था और समान कम भी था। जगदीश खीचड़ से कहा कि साहब समान कम है,जो सामान आप लाये थे वो 50 हजार से अधिक था जबकि आप सिर्फ दो ढाई हजार का सामान दे रहे हैं। इस पर जगदीश खीचड़ ने कहा कि मुझे लोग जगदीश खींचड़ कहते है । आम आदमी पार्टी के नेता पुनीत ढाल ने भी आकर समझाया लेकिन उनको जाति सूचक गालिया भी निकाली गई और दिल्ली सीएम के चम्मचों शब्द इस्तेमाल किया गया।


