SP सड़क पर उतरने लगी तो अब हर दुकान के आगे नजर आ रही है खाकी, गोले बनवाकर लाइन से लेना होगा सामान


  • बीकानेर पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा खुद सड़क पर नजर आने लगी तो खाकी की रेलमपेल अचानक से बढ़ गई। खासकर भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अब लगभग हर दुकान के आगे एक सिपाही खड़ा कर दिया गया है, जहां से ग्राहकों को कतार में खड़े होकर ही सामान खरीदना पड़ेगा। बुधवार सुबह ही पुलिस ने पेंटर्स के सहयोग से सभी दुकानों के आगे सफेद गोले बनवा दिए हैं। कोरोना रोगियों की संख्या में अनवरत बढ़ोतरी के बाद पुलिस ने पिछले दो दिन से सख्ती बढ़ा दी है।

  • दरअसल, कुछ बाजार पूरी तरह से किराना की दुकानों से भरे हैं। ऐसे में बाजार को बंद करवाना भी मुमकिन नहीं है। इसमें फड़बाजार में हालात सबसे ज्यादा खतरनाक है। यहां आगे किनारे की दुकानें है तो पीछे सब्जी की दुकानें है। दोनों ही तरह की दुकानों को कोरोना गाइडलाइन्स में सुबह छह बजे से ग्यारह बजे तक छूट दी गई है। इस समय में फड़बाजार में पैर रखने को जगह नहीं होती। प्रशासन ने इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले तो गाड़ा चालकों को यहां से हटाया लेकिन वो फिर आकर जम गए। ऐसे में यहां भीड़ को कतार बद्ध खड़ा करने का निर्णय किया गया। फड़ बाजार में कोटगेट थानाधिकारी मनोज माचरा ने सभी दुकानों के आगे पांच से आठ गोल घेरे बनवा दिए हैं। यहीं पर सुबह पुलिस तैनात रहेगी। अगर कोई व्यक्ति इन घेरों को तोड़कर खरीदारी का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। माचरा ने बताया कि दुकानदारों को पाबंद किया गया है कि वो भी घेरे के अंदर से आने वाले व्यक्ति को ही सामान दिया जाये।

    सौ से ज्यादा दुकानें हैं इस बाजार में

    बीकानेर के फडबाजार में सौ से ज्यादा परचून की दुकानें हैं। अधिकांश थोक विक्रेता भी इसी बाजार में है। ऐसे में गांवों से व कस्बों से भी लोग थोक में सामान लेने के लिए यहां आते हैं। खासकर मिर्ची, तेल, आटा, दालों के थोक विक्रेता इसी बाजार में है। सुबह ग्यारह बजे तक यह सभी व्यापारी अपना काम नहीं कर सकते। थोक व्यापारी को तो अभी ज्यादा काम की जरूरत है लेकिन समय कम हो गया है।