
बेड नही मिला, अधिकारी की कार में मौत
कोरोना की दूसरी लहर घातक होने से जिले मेंं कई परिवारों में कोहराम मचा हुआ, परिजनों के आंखों के सामने अपनों की जिन्दगीयां जा रही है, लेकिन सब बेबस है। हालात यह है कि शहर के तमाम हॉस्पिटल में आक्सीजन युक्त बैड ही खाली नहीं है, वेंटिलेटर भी पर्याप्त संख्या में नहीं है। ऐसे में एमजीएच से लेकर निजी चिकित्सालयों में जरुरतमंद लोगों को घुसने तक नहीं दिया जा रहा है।
मदद मांगते ही रह गए
पंचवटी निवासी एवं उदयपुर में पदस्थापित संयुक्त उप निदेशक स्तर के आला अधिकारी की तबीयत बिगडऩे पर उनकी पत्नी व बच्चे बुधवार सुबह उन्हें एमजीएच हॉस्पिटल समेत शहर के पांच प्रमुख निजी चिकित्सालयों में ले गए, परिजनों ने बिलखते हुए सभी से गुहार की, वह तीन घंटे अधिकारी को कार से इधर से उधर हॉस्पिटल ले गए लेकिन किसी ने भी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाए, आखिरकार अधिकारी की कार में ही इलाज के अभाव में मौत हो गई।
दोपहर में पिता, रात को पुत्र ने तोड़ा दम
शहर के आर कॉलोनी निवासी पिता पुत्र के कोरोना संक्रमित होने पर एमजीएच में भर्ती कराया गया। बुधवार दोपहर में वेटिनेलेटर पर वृद्ध पिता ने दम तोड़ दिया, परिजनों ने कोविड़ गाइड लाइन की पालना में पानी के टंकी के बालाजी स्थित मोक्षधाम में बुधवार शाम को ही अंतिम संस्कार किया। बुधवार मध्य रात्रि बाद युवा पुत्र ने भी एमजीएच में दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह पुत्र का शव सिर्फ परिवार को मुंह दिखाने के लिए लाया गया।
कोरोना फाइटर नहीं रहा
कोरोना संकट काल में शहर में काढ़ा पिलाने व मास्क के लिए लोगों को जागरूक करने वाले कोरोना फाइटर्स सुशील तोषनीवाल की गुरुवार सुबह कोरोना के उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना से समाज का प्रत्येक तबका व संगठन स्तब्ध है।


