दिव्यांग सेवा संस्थान मे मनाया अपना 5 वां स्थापना दिवस, देखे संस्थान की विगत 5 वर्षो की महत्वपूर्ण उपलब्धियां


  • बीकानेर
  • दिव्यांग सेवा संस्थान मे अपना 5 वा स्थापना दिवस मनाया गया, आज के कार्यक्रम में समाजसेवी कान्ता किशन मोदी, रोहिताश कांटिया, विजय बाफना, श्याम मोदी, पारुल मोदी, खुशबू जैन, राजपाल अहलावत, यूनस अली, महेंदी सर, धर्मपाल सियाणा, जेताराम चौहान, देवाराम कुमावत,संस्थान प्रधान जेठाराम ने 5 सालो में हुए संस्थान के कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए कहाँ की 1. 2016 से आज तक जो भी नए दिव्यांग बच्चे आते हैं उनका डिजिटल चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाकर उनकी पेंशन चालू करवाना, रेल पास, बनाना बस, पास बनाना वह राज्य सरकार से अन्य सुविधा उनको दिलाना।

2. 2017 में दो मूकबधिर महिलाओं को संस्थान में रोजगार दिया।
3. 3 दिसंबर 2018 को बीकानेर में गांव के 90 दिव्यांग जनों का डिजिटल चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाकर बांटे।
4. कोई भी जयंती पुण्यतिथि हो या कोई पर्व हो दिव्यांग बच्चों के साथ मनाते हैं।
5. हर माह शैक्षणिक भ्रमण करवाते।
6. 2019 में हुए पुलवामा हमले में शहीदों के परिजनों के लिए मूक बधिर बच्चों ने परिवार को सहयोग राशि भेजें।
7. समय-समय पर प्रतियोगिता करते जितेन के अंदर छुपे हुनर को जानते।
8. 2019 में 3 बच्चों को रिलायंस कंपनी में जॉब लग गया।
9. 10 बालिकाएं 3 बालक सिलाई करके अपना गुजारा कर रहे हैं।
10. खेल डांस कराटे स्पीच योग पेंटिंग सिलाई भ्रमण आदि की विशेषता व्यवस्था।
11. मुक बधिर बालिकाओं ने कोरोना महामारी के दौरान हर्बल मास्क बनाकर बांटे।
12. 12 दिसंबर 2020 को दिव्यांग सेवा संस्थान का सहिल अब्बासी ने भारतीय स्तर पर आयोजित जूम 2020 चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
13. 20 फरवरी को ओपन द डोर- मेगा मेंटल हेल्थ कोलकाता, दुनिया भर में 250 प्रतिभागियों के साथ डांस प्रतियोगिता में दिव्यांग संस्थान के 4 बच्चो ने बीकानेर का नाम रोशन किया
14. 2 अप्रैल 2021 को महामारी के कारण ऑनलाइन माध्यम से रामदेवबाबा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट नागपुर एनएसएस यू एन आई टी परिसर में समाजिक संस्कृति आयोजन में चित्रकला प्रतियोगिता प्रतिभा और कौशल दिखाने के लिए भाग लिया।

  • जेठाराम छोटे गांव के पास ढाणियों में जन्मे जिन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में विशेष अध्यापक की डिग्री 2012 से 2015 के मध्य प्राप्त कर बिना नोकरी की चाह रखते हुए दिव्यांगजनो को नि:शुल्क शिक्षा और समाज से जोड़ने की सोचकर पिता जी ने 03 अगस्त 2015 में अपने स्वयं की 13 बीघा जमीन बेचकर 6 अप्रेल 2016 को संस्थान रूपी बीज बोया था। जो आज बीकानेर के गोपेश्वर बस्ती गंगाशहर में संचालित है।
  • जेठाराम ने बताया कि राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार ऐसे संस्थानों को अनुदान देती हैं, लेकिन गत 5 वर्षों से राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किसी भी तरह की कोई मदद नहीं की गई जब कि बीकानेर के अनेकों सम्मानित नागरिकों, विधायकों और मंत्रियों से भी यह संस्थान मदद की गुहार लगा चुकी है कोई सुनवाई नहीं हुई। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी इस मामले में मौन धारण करके बैठे हैं, संस्थान प्रधान जेठाराम ने कहाँ की इन बच्चों के अंदर वो प्रतिभा छुपी हुई है उनको बार निकलने के लिए हमे परिवार व समाज जरूरत है।