तीन बेटियों के पिता ने टॉफी लेने जा रही 8 साल की मासूम को अगवा किया, दुष्कर्म करके हत्या की और शव कुएं में फेंका


  • भरतपुर सोचिए, उस मां के दिल पर क्या बीती होगी, जिसने अपनी 8 साल की मासूम को दुकान पर सामान लेने भेजा। उसे रास्ते में से ही एक दरिंदा बहला-फुसलाकर ले गया। जंगलों में ले जाकर उससे पहले दुष्कर्म किया। फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। हैवानियत की हद तो उस समय हो गई जब दरिंदे ने मासूम के शव को एक सूखे कुएं में फेंक दिया और ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए। एक दिन बाद डहरा मोड स्थित चोर पीपरी के जंगल में कुएं से गुरुवार को बच्ची की लाश बरामद हुई। आरोपी तीन बेटियों का पिता है।

  • चिकित्सा प्रभारी डॉ. शशिकांत के मुताबिक मेडिकल बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। साथ ही बच्ची के हाथ और पैरों की हड्डियां टूटी हुई मिली हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने खेड़ी देवी सिंह निवासी 30 वर्षीय राजेश पुत्र कलुआ जाटव को गिरफ्तार किया है। कैमरे में वही उस बच्ची के साथ नजर आ रहा है।

  • बोला-बच्ची नहीं लौटी तो हर जगह ढूंढ़ते रहे
    सीओ ग्रामीण हरिराम मीणा ने बताया कि हिंडौन क्षेत्र की रहने वाली इस 8 साल की बच्ची का पिता नदबई में मजदूरी करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कक्षा 3 में पढ़ने वाली उनकी बेटी को मां ने बुधवार दोपहर दुकान से सामान लेने भेजा था। लेकिन, वह शाम तक वापस नहीं लौटी। आसपास तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। शाम को पिता जब वह काम से लौटा तो पत्नी ने उसे बेटी के नहीं मिलने के बारे में बताया। उन्होंने काफी तलाश की। लेकिन, कहीं कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।

  • सीसीटीवी में कैद हुआ दरिंदा
    मासूम के पिता की रिपोर्ट के बाद जब पुलिस ने मजदूर के आवास के पास एक ऑयल मिल का सीसीटीवी कैमरा खंगाला तो उसमें खेड़ी देवीसिंह का रहने वाला राजेश जाटव बच्ची के साथ नजर आया। राजेश को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है। राजेश खुद तीन बेटियों का पिता है। पेशे से वह मजदूर और आदतन शराबी है। सीसीटीवी में आखिरी बार वह बच्ची के साथ दिखा था। घटनास्थल पर FSL एवं SDRF टीम पहुंची जिन्होंने सबूत जुटाए।

  • इस मामले में स्थानीय विधायक जोगेंद्र सिंह अवाना ने अपराधी को तुरंत फांसी के तख्त तक पहुंचाने के लिए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा- अपराधी को ऐसी सजा मिले, ताकि आगे कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले हजारों बार सोचे। अपराधों के प्रति लोगों में डर बैठाना बेहद जरूरी है। इसमें सिस्टम और जनता, दोनों को सक्रिय रहने की जरूरत है।