
सोमवार से स्कूलों में फिर से बजेगी घंटी:स्कूलों में कहीं सफाई तो कहीं सैनेटाइजेशन शुरू हुआ
राज्यभर में 15 मार्च को स्कूलों की छुटि्टयां कर दी गई थी, जिसके बाद पिछले महीने बच्चों को मार्गदर्शन के लिए ही स्कूल आने की अनुमति दी गई। यह पहला मौका है जब 18 जनवरी से नियमित रूप से स्कूल शुरू करने की अनुमति दी गई है। राज्यभर में करीब 40 लाख बच्चों को अब स्कूल जाने का अवसर मिलेगा, जो कक्षा 9 से 12 वीं क्लास के हैं। इनमें से 21 लाख स्टूडेंट्स की तो 15 मई से परीक्षा शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने 40 फीसदी कोर्स कम कर दिया है, जबकि छुटि्टयां इससे भी अधिक हो गई हैं।
बीकानेर के सेवेगो की बगीची में स्थित राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूल में भी 4-5 कमरों की सफाई की गई है। एक बार सैनेटाइजेशन हो चुका है जबकि एक बार और सैनेटाइजेशन की तैयारी है। स्कूल प्रिंसिपल योगिता व्यास स्कूल फिर से खुलने से रोमांचित है। उनका कहना है कि ऐसे लग रहा है कि सब कुछ पहली बार हो रहा है, बच्चों का बकायदा स्वागत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे पास समय कम है। लेकिन बचा हुआ कोर्स जल्द से जल्द करवाने की कोशिश करेंगे। ताकि बच्चों का नुकसान नहीं हो। बस एक ही दुआ करनी है कि फिर कभी स्कूल ऐसे बंद न हो। इसी स्कूल के शिक्षक अनिल व्यास कहते हैं कि बच्चे मार्गदर्शन कक्षाओं में कुछ लेसन कर चुके हैं, शेष लेसन भी जल्द पूरे हो जाएंगे। हम अतिरिक्त क्लास लेकर भी करवा देंगे। इसके अलावा बीकानेर के फोर्ट सीनियर सैकंडरी स्कूल, सार्दुल सीनियर सैकंडरी स्कूल, महर्षि दयानन्द गर्ल्स स्कूल, महारानी गर्ल्स स्कूल में भी क्लासेज की सफाई शुरू हो गई है।
कोई अतिरिक्त बजट नहीं
स्कूलों को फिर से शुरू करने से पहले सैनेटाइजेशन सहित अन्य प्रबंधों के लिए स्कूलों काे कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिला है। दरअसल, हर स्कूल को छात्र संख्या के आधार पर विशेष बजट मिलता है। ऐसे में अधिकांश को 50 से 75 हजार रुपए तक मिलते हैं। इसी बजट से सैनेटाइजेशन व अन्य काम करने होंगे


