राजस्थान में डेल्टा प्लस का खतरा, WHO की टीम पहुंची:संक्रमित के घर के आसपास 80 घरों का सर्वे किया गया, परिवार के 10 लोगों के लिए गए
जिस महिला कोरोना पीड़ित में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है, उसके घर के दस सदस्यों को संदिग्ध मानते हुए उनके सैंपल लिए गए हैं। यह सैंपल भी अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे जायेंगे। इसके साथ ही बंगलानगर के लगभग हर निवासी का सैंपल लेने के लिए हेल्थ वर्कर घर घर पहुंच रहे हैं। आज दिन भर में सौ से ज्यादा सैंपल इस क्षेत्र से लिए जा सकते हैं। WHO की टीम ने भी बंगलानगर पहुंचकर अस्सी घरों के सर्वे में किया।
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि जिस महिला के डेल्टा प्लस वेरियंट की रिपोर्ट मिली है उसके परिवार में दस अन्य सदस्य है। इन सभी के सैंपल लिए गए हैं। हालांकि सब का स्वास्थ्य ठीक है और किसी तरह की कोई दिक्क्त नहीं है। फिर भी सावधानी बरतने के लिए इनके सैंपल लिए गए हैं। बंगाला नगर स्थित उसके घर के आसपास के सभी घरों का भी सैंपल लिया गया है। जिन लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी या बुखार है, उनका सैंपल अलग से लिया जा रहा है और जो पूरी तरह स्वस्थ है उनका सैंपल अलग लिया जा रहा है। कोशिश है कि क्षेत्र के हर व्यक्ति का सैंपल आ जाये। डेल्टा प्लस वेरियंट मिलने के साथ ही चिकित्सा विभाग की टीमों ने बंगला नगर में डेरा डाल लिया है। शुक्रवार शाम को भी एक टीम इस परिवार के पास पहुंची थी। वहीं शनिवार सुबह से पांच टीम इस क्षेत्र में पहुंची हुई है।
बच्चों का भी सैंपल
इसी महिला के घर में कुछ बच्चे भी है, जिनका सैंपल लिया गया है। इनका भी स्वास्थ्य ठीक है लेकिन सावधानी के तौर पर इनका सैंपल लिया गया है। NIV में जांच करवाने पर रिपोर्ट आने में दस से बारह दिन लग रहे हैं ऐसे में चिकित्सा विभाग इसकी जल्दी जांच का प्रयास कर रहा है।
जयपुर से नजर
इस महिला में पहला वेरियंट मिलने के कारण चिकित्सा विभाग जयपुर से इस पर नजर रखे हुए हैं। स्वयं चिकित्सा सचिव इस मामले में लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भी जिला प्रशासन से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। जिला कलक्टर नमित मेहता ने देर रात इस बारे में अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट ली।
