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आज बीकानेर पहुंचने वाला पानी लिफ्ट पर बिजली नहीं होने से अटका, अब कल सुबह तक बीकानेर आएगा

 

बीकानेर पिछले एक महीने से जल संकट का सामने कर रहे बीकानेर शहर को पानी की सप्लाई सुचारू करने में एक बार फिर बिजली रोड़ा बन रही है। दरअसल, बिरधवाल हेड से कंवरसेन लिफ्ट में छोड़ा गया पांच सौ क्यूसेक पानी बिजली सप्लाई बाधित होने से नहीं पहुंच पाया है। अब यह पानी बुधवार शाम तक बीकानेर आयेगा।

दरअसल, सोमवार की शाम तीन बजे बिरधवाल हैड से कंवरसेन लिफ्ट में 500 क्यूसेक पानी छाेड़ा गया बावजूद इसके जो पानी रात एक बजे के करीब पहुंचना चाहिए था वो अब बुधवार की सुबह पांच-छह बजे आएगा। वजह, राजियासर पंपिंग स्टेशन पर बिजली गुल रही। रात आठ बजे राजियासर पंपिंग स्टेशन पर पानी पहुंच गया लेकिन 10 बजे लाइट गुल हाेने से पानी की पंपिंग रुक गई। इस बीच 200 क्यूसेक पानी आगे बढ़ गया था। अलसुबह तीन बजे फिर राजियासर पंपिंग स्टेशन की बिजली गई जाे मंगलवार सुबह नाै बजे आई। तब रात काे राजियासर से अागे बढ़ा 200 क्यूसेक दिन में 11 बजे मलकीसर पंपिंग स्टेशन पर पहुंच गया।

फिर ना रुकें पानी का बहाव

अब उम्मीद है कि अगर कहीं रुकावट नहीं हुई तो बुधवार की सुबह जब लोग अपनी आंख खोलेंगे तो पानी बीकानेर पहुंच चुका होगा लेकिन इसका फायदा सुबह की सप्लाई में इसलिए नहीं मिल पाएगा क्योंकि पानी में मिट्‌टी बहुत ज्यादा है। इसे सीधे फिल्टर नहीं किया जा सकेगा। इस पानी को अन्यत्र छोड़ना होगा। करीब नौ से 10 बजे के करीब बीछवाल जलाशय में पानी लिया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो चार जून से पानी की कटौती बंद होगी लेकिन इसकी अधिकृत घोषणा बीकानेर जलाशय में पानी के पहुंचने के बाद होगा। दूसरी ओर बीछवाल जलाशय में अब पानी सिर्फ एक दिन की सप्लाई का ही बचा है। यानी बुधवार की सुबह की सप्लाई ही होगी। इसके बाद नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जलाशय को 100 क्यूसेक पानी मिलेगा जिसमें 30 क्यूसेक राेज की सप्लाई अाैर 70 क्यूसेक जलाशय में एकत्र हाेगा। इधर मुख्य नहर में भी दिन में पानी छत्तरगढ़ क्राॅस कर गया था। मुख्य नहर के रास्ते पानी की बीकानेर में एंट्री हुई।

बिरधवाल हैड से लिए सैंपल ठीक, सिर्फ मिट्टी-काई है

साेमवार काे जब मुख्य नहर से कंवरसेन लिफ्ट में पानी छाेड़ा गया ताे जलदाय विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे। मंगलवार काे उसकी रिपाेर्ट अा गई। पानी में कैमिकल नहीं है। अाॅक्सीजन ठीक है। सिर्फ मिट्टी और काई ज्यादा है। काई हाेने से पानी काे फिल्टर करने में दिक्कत हाेगी। काई से फिल्टर से चाेक हाेने की अाशंका रहती है। मिट्टी ज्यादा हाेने से पानी काे फिल्टर हाेने के बाद भी वह मटमैला दिखेगा जिससे लाेगाें में गंदे पानी की शिकायत बढ़ेगी।

चिकित्सकाें की सलाह- कुछ दिन उबालकर पिएं नहर का पानी

चिकित्सकाें का कहना है कि नहर से आने वाले पानी काे कुछ दिन तक उबाल कर पीना चाहिए। इससे पानी से हाेने वाली बीमारियाें से बचा जा सकता है। पानी साफ ना हुआ ताे पेट दर्द, उल्टी, दस्त, डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियाें जैसी शिकायतें सामने आएगी। पानी काे उबालने से उसमें किसी भी तरह के हानिकारक कीटाणु मर जाते हैं। उसके बाद उसे ठंडा करके पी सकते हैं। हालांकि जलदाय विभाग पानी काे फिल्टर करने के बाद भी सैंपलिंग करता है। पानी की टंकी पर ब्लीचिंग हाेती है। दरअसल एक महीने नहर बंद रही। हरिके बैराज में पशु अाए दिन मृत पाए जाते हैं। इससे पानी गंदा हाेने की अाशंका है।

गजनेर में आज छूटेगा पानी, शाेभासर कल तक आएगा
शाेभासर जलाशय में भी अब जलस्तर कम हाेने लगा है। शोभासर जलाशय में गजनेर लिफ्ट से पानी आता है। गजनेर लिफ्ट आरडी 750 से निकलती है। इसलिए बुधवार काे गजनेर लिफ्ट में पानी छाेड़ा जाएगा। गजनेर लिफ्ट में पानी छूटने के करीब 36 घंटे बाद शाेभासर जलाशय में पानी अाएगा। यानी तीन जून तक शाेभासर जलाशय में नहर का पानी पहुंचेगा।

जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल ने कहा कि उम्मीद है पानी बुधवार की सुबह तक बीकानेर अा जाएगा। कटौती बुधवार से बंद नहीं हो पाएगी क्योंकि पानी में मिट्‌टी ज्यादा होने से फिल्टर कम मात्रा में हो पाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो चार या पांच से कटौती बंद करेंगे।