प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों में बड़ा उथल पुथल, बीकानेर एडी एम सिटी एव बीकानेर निगम आयुक्त होंगे- गौरी
bhawani acharya
बीकानेर
राज्य सरकार ने 5 जनवरी को आदेश जारी कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 183 अधिकारियों को इधर-उधर किया है। बीकानेर के एक दर्जन अधिकारी भी इस सूची से प्रभावित हुए हैं। अच्छी बात यह है कि नगर निगम को स्थाई आयुक्त मिला वहीं अरसे बाद अतिरिक्त संभागीय आयुक्त भी मिल गया है।
सबसे अधिक चौकाने वाला नाम नरेन्द्र सिंह पुरोहित का है, जिन्हंे नगर विकास न्यास में सचिव लगाया है। हालांकि पूर्व में यहां नियुक्त सचिव मेघराज सिंह मीणा कभी यहां काम के प्रति कभी उत्सुक नहीं दिखे। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं सहित आमजन में भी इसके प्रति रोष देखा गया। खुद मीणा पिछले कई दिनों से अपने तबादले के लिए लगे हुए थे। खैर, नए सचिव पुरोहित को पूर्व में यूआईटी संभालने का अवसर मिला है। ऐसे में शहर को उनके प्रति अपेक्षाएं हैं।
एडीएम प्रशासन का दायित्व दो साल से भी अधिक समय तक संभालने वाले एएच गौरी को नगर निगम में आयुक्त लगाया है। गौरी सुलझे हुए अधिकारी हैं और काम करने में विश्वास रखते हैं। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में निगम कांटों का ताज है, लेकिन फिर भी गौरी जैसे मंझे हुए अधिकारी से यहां भी अच्छे काम की आशा की जा सकती है। उधर, एडीएम सिटी सुनीता चौधरी को अतिरिक्त संभागीय आयुक्त बनाया गया है। चौधरी ने अपना पद अच्छा संभाला, लेकिन शायद उन्हें पूरा मौका नहीं मिला। खैर, अच्छा यह हुआ अतिरिक्त संभागीय आयुक्त का रिक्त पद अरसे बाद भर गया। उधर, अरुण प्रकाश शर्मा को एडीएम सिटी बनाया गया है। शर्मा पूर्व में यूआईटी सचिव रह चुके हैं। ऐसे में बीकानेर उनसे भी अनजाना नहीं है।
ओमप्रकाश पंचम को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी मिली है। ओमप्रकाश जैसलमेर से आ रहे हैं, ऐसे में संभवतया यह जिला कलक्टर नमित मेहता की पसंद हों। हालांकि यह बदलाव भी अच्छा है, क्योंकि जिला परिषद में नरेन्द्र पाल सिंह के कार्यकाल की कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं आकी गई।
शेष नाम देखें तो बलदेव राम भोजक को एडीएम प्रशासन, अजीत सिंह राजावत को अतिरिक्त आयुक्त आबकारी, राम रतन सौंकरिया को अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन, नरेन्द्र थोरी को तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव, प्रभजोत सिंह गिल को एसडीएम खाजूवाला और जीतू सिंह मीणा को एसडीएम छत्तरगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। बीकानेर के दृष्टिकोण से यह सधा हुआ परिवर्तन है।