-
प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से रहा, लाॅकडाउन और पटाखाें पर राेक लगने से पाॅल्यूशन से भी कम हुआ। इसका सीधा-सा असर माैसम पर पड़ा और सर्दी जल्दी असर दिखाने लगी है। राजधानी सहित प्रदेश के कई शहराें में दिन-रात का तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री नीचे चला गया।
-
माैसम विभाग की मानें ताे पहाड़ाें पर समय पूर्व ही बर्फबारी हाेने से पारा अभी लुढ़कने लगा है। माैसम विभाग ने नवम्बर में ही शीतलहर चलने की चेतावनी दी है यानी दिसम्बर की पहले-दूसरे हफ्ते में ही कई शहराें में पारा जमाव बिंदु के नजदीक चला जाएगा। दिसम्बर-जनवरी में पाला पड़ने के साथ ही जबरदस्त शीतलहर चलेगी।
-
एक्यूआई लेवल माॅडरेड कैटेगरी में रहा, इससे सर्द हवाएं जल्दी असर दिखाने लगी
-
आमताैर पर अक्टूबर-नवम्बर एक्यूआई लेवल माॅडरेड यानी 150 से 200 के बीच रहा। जबकि हर बार यह 250 से 300 के बीच रहता है। जयपुर में आदर्श इलाका दीपावली के बाद से ही लगातार पांच दिन से ग्रीन कैटेगरी में बना हुआ है। इस बार प्रदेश में ज्यादातर जिलाें में मानसून से सामान्य रहा और औसतन बारिश हुई। इससे हवा में नमी रहने से गलन महसूस हाेने लगी।
दस साल में दाे बार नवंबर में पारा 10 डिग्री से नीचे गया
-
माैसम विभाग के अनुसार इस बार दिन-रात का पारा लगातार उतार चढ़ाव हाे रहा है। राजधानी में अगले 4-5 दिन तापमान में स्थिरता रहेगी लेकिन इसके बाद गिरावट हाेने की संभावना है।नवंबर के दाैरान न्यूनतम तापमान 11 से 15 डिग्री बीच बना रहता है। बीते दस साल में दाे बार 2010 व 2014 में नवंबर के दाैरान रात का पारा 10 डिग्री से नीचे गया था। 2010 में न्यूनतम तापमान 9.9 और 2014 में 9.8 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था।
