राम मंदिर में लगने वाने गुलाबी पत्थराें के खनन पर राजस्थान सरकार ने लगाई रोक, विश्व हिंदू परिषद में नाराजगी
Kamal Swami
लंबी कानूनी लड़ाई के बादअयोध्या में राम मंदिर निर्माण का तो रास्ता साफ हुआ है, लेकिन अब नई अड़चन सामने आ गई है। राजस्थान भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से जो गुलाबी पत्थर अभी तक आ रहे थे, उसके खनन पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते विश्व हिंदू परिषद में नाराजगी है। पत्थर निकासी पर रोक के खिलाफ संत समाज के साथ विहिप में आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
राम मंदिर निर्माण के लिए वर्षोंसे बंशी पहाड़पुर से पत्थर अयोध्या जा रहे थे। साथ ही मंदिर के लिए पत्थर का स्टॉक इलाके में भी किया जा रहा था। भरतपुर जिला प्रशासन ने गत दिनों अयोध्या जा रहे 25 ट्रकों को जब्त कर लिया। प्रशासन का कहना है कि यहां खनन के लिए सरकार की तरफ से किसी को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। उनका कहना है कि बंशीपहाड़पुर में अवैध खनन कर पत्थर सप्लाई हो रही थी। यह कहां जा रहा था, इसके बारे में अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।
इधर, राजस्थान सरकार की कार्रवाई से विहिप और संतों में उबाल है। विहिप नेताओं का कहना है कि जो पत्थर के ट्रक रोके गए वह पहले स्टाक से लाए जा रहे थे। पत्थर की निकासी पर रोक के खिलाफ संत समाज के साथ विहिप आंदोलन के लिए तैयार है। बजरंग दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुनील पाराशर का कहना है कि मंदिर के लिए जा रहे पत्थर पर रोक नहीं लगानी चाहिए। भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में अब किसी तरह का व्यवधान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ये है पत्थर की खासियत
बंशी पहाड़पुर से निकलने वालेगुलाबी पत्थर की मियाद पांच हजार वर्ष से ज्यादा बताई जाती है। जो सुंदर और मजबूत होता है। साथ ही पानी पड़ने के साथ पत्थर में और ज्यादा निखार आता है। राम मंदिर के लिए काफी मात्रा में बंशी पहाड़पुर के पत्थर का उपयोग होना है। यहां का पत्थर मुलायम होने के कारण नक्काशी के लिए सबसे अधिक उपयुक्त होने एवं इसका जीवन भी अधिक होने के कारण मंदिरों में इसे प्राथमिकता दी जाती है।
किसी के पास नहीं लीज
असल में पहाड़ियों में खनन करने के लिए किसी के पास लीज नहीं है। फिर भी अवैध खनन के जरिये पत्थर यहां से निकलता रहा है। वर्तमान में खनन रोकने के लिए कड़ी सख्ती कर दी गई है। वहीं, खनन लीज के ठेकेदार का कहना है कि उनकी कंपनी को बंशी पहाड़पुर में खनन लीज की स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन फिलहाल एनवायरनमेंट क्लीयरेंस पास नहीं मिलने से खनन शुरू करने की स्वीकृति में देरी हो रही है। इसकी शिकायत जिला प्रशासन से कई बार की है लेकिन अवैध खनन माफियों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया।
साध्वी ऋतंभरा कहतीं हैं किअयोध्या में श्री राम जन्मभूमि का मंदिर निर्माण प्रारंभ होने से कुछ लोगों की नींद उड़ी हुई है। वह हताश निराश होकर उल्टे सीधे कार्य करने पर तुले हुए हैं। मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो गया है और यह आबाध गति से चलता रहेगा।
महंत फूलडोल दास महाराज, केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्य, विहिप कहते हैं कि पत्थरों से भरे ट्रक रोककर गहलोत सरकार ने गैर जिम्मेदाराना काम किया है। कांग्रेस सरकार से राम मंदिर निर्माण में सहयोग की उम्मीद बेमानी है। संत समाज अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में राजस्थान सरकार पर दबाव बनाएगा।
स्वामी रामदेवानंद सरस्वती, केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्य, विहिप का कहना है कि राजस्थान सरकार ने हठधर्मिता त्यागकर पत्थरों के ट्रक नहीं छोड़े तो संत समाज सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक देगा। इस निर्णय को राजस्थान सरकार वापस ले। अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।