जयपुर: तेल कंपनियों ने आज (शनिवार) लगातार दूसरे दिन पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में इजाफा किया है. कोरोना जैसी महामारी के दौर में भी सियासत का खेल जारी है. पेट्रोल-डीजल के दाम महंगाई की पटरी पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं. चुनाव खत्म होने का इंतजार देख रही तेल कम्पनियों ने 4 मई से अपने रंग दिखाने शुरू किए जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे. राजधानी जयपुर में आज भी पेट्रोल 29 पैसे और डीजल 25 पैसे महंगा हुआ है.
कोरोना संकट के दौर में तेल कंपनियों ने 40 दिन से पेट्रोल डीजल के दाम में वृद्धि शुरु कर दी है. पिछले 40 दिन में पेट्रोल 5.96 रुपए प्रति लीटर और डीजल 6.72 रुपए प्रति लीटर बढ़ चुका है. पेट्रोल के दाम ₹102 को पार करते हुए 102.73 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गए हैं. वहीं डीज़ल भी 95 रुपए के पार यानी 95.92 रुपए प्रति लीटर तक आ गया है. दरअसल केंद्र सरकार सेंट्रल एक्साइज और राज्य सरकार वैट के रूप में पिछले 14 महीने में कई बार वृद्धि कर चुके हैं. हालांकि राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल में 2 फ़ीसदी की वैट में राहत भी दी थी लेकिन यह राहत ‘ऊंट के मुंह में जीरे’ के समान रही.
आम आदमी के लिए जानलेवा साबित हो रहे दाम:
बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव आने से ठीक पहले तो पेट्रोल-डीजल के दाम आंशिक रूप से बढ़ते रहे. इसके बाद सियासी मजबूरी कहें या केंद्र सरकार का इशारा तेल कंपनियों ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान कीमतों में वृद्धि को रोक दिया था. अब चुनाव संपन्न होते एक बार फिर वृद्धि का दौर शुरू हो गया है जो कोरोना संकट के दौर में आम आदमी के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.
इन राज्यों में 100 पार पेट्रोल:
छह राज्यों एव केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल का खुदरा भाव 100 रुपये प्रति लीटर के पार जा पहुंचा है, ये राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लद्दाख. स्थानीय करों और मूल्य वर्धित कर (वैट) की दरें अलग अलग होने के कारण ईंधन के दाम विभिन्न राज्यों में अलग-अलग होते हैं.
