बीकानेर – एम पी पुनिया पूर्व प्राचार्य ईसीबी के द्वारा की गई फर्जी नियुक्तिया व वर्तमान प्राचार्य जय प्रकाश भाभू के गबन घोटाले व वित्तीय अनियमितता के कारण पिछले 4-5 सालो से अशैक्षणिक कर्मचारियो के सामने गम्भीर वित्तीय संकट गहराता जा रहा है – ईसीबी कोलेज मे न्यूनतम छात्रो के बावजूद एम बी ए संकाय का संचालन केवल काबीना मन्त्री को खुश करने व उनके चेहतो को लाभ पहुचाने के लिए किया जा रहा है – पोलोटैनिक कोलेज बन्द होने बाद भी एसि प्रोफेसरो को लगाये रखना – सिरेमिक संकाय चालू होने बाद से रिसर्च नही – होस्टल मे करोड़ो का घोटाला होने बाद भी रिकवरी नही होना ईसीबी के वित्तीय संकट के लिए जिम्मेदार है ।
एडवोकेट सुरेश गोस्वामी ने बताया कि बिना शैक्षणिक दस्तावेजो के सत्यापन किये ही ईसीबी को बीटीयू का संघटक कोलेज बनाये जाने की कार्यवाही की जा रही है – एडवोकेट ने बताया कि ईसीबी मे 75% शैक्षणिक कर्मचारी फर्जी है जिनकी नियुक्ति तीन साल की संविदा मे की थी जिन्हे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद 2016 मे नियम विरुद्ध स्थाई किया – एडवोकेट सुरेश गोस्वामी ने बताया कि ईसीबी के वित्तीय संकट का स्थायी हल करने के लिए कड़े कदम उठाने को जरूरत है।
